ओडिशा: 12 साल के किशोर ने 4 साल की रिश्तेदार बच्ची के साथ किया दुष्कर्म, मासूम की हालत नाजुक क्राइम एक महीने पहले 68
ओडिशा के नबरंगपुर जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 12 वर्षीय लड़के ने अपनी 4 साल की रिश्तेदार बच्ची के साथ दरिंदगी की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है और बच्ची का इलाज चल रहा है।

सामने आई शर्मनाक घटना

ओडिशा का नबरंगपुर जिला इस समय एक अत्यंत घिनौनी और विचलित करने वाली घटना को लेकर चर्चा में है। यहाँ के डबुगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली चचरागुड़ा पंचायत में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक 12 साल के नाबालिग लड़के ने अपनी ही 4 साल की रिश्तेदार बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया है। इस बर्बरतापूर्ण कृत्य के बाद पीड़िता की हालत बहुत ही नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया है।

बहला-फुसलाकर ले गया सुनसान जगह

यह पूरी घटना बीते बुधवार की शाम को हुई। पीड़ित बच्ची अपने घर के समीप खेल रही थी, तभी उसी गांव का रहने वाला 12 वर्षीय किशोर, जो रिश्ते में बच्ची का परिजन भी लगता है, वहां पहुंचा। उसने मासूम बच्ची को बातों में फंसाया और बहला-फुसलाकर गांव की एक एकांत और सुनसान जगह पर ले गया। वहां ले जाकर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी वीभत्स घटना को अंजाम दिया।

खून से लथपथ मिली मासूम

जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची के पिता ने जब उसे ढूंढा तो वह खून से लथपथ और गंभीर हालत में मिली। परिजन तुरंत उसे लेकर डबुगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे नबरंगपुर जिला मुख्यालय अस्पताल स्थानांतरित कर दिया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख कर रही है, लेकिन बच्ची की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। परिवार ने इस घटना के बाद डबुगांव थाने में तुरंत तहरीर दी।

पुलिस का रुख और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद गुरुवार सुबह ही आरोपी किशोर को अपनी हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। डबुगांव पुलिस थाने की अधिकारी लक्ष्मी परजा इस पूरे प्रकरण की निगरानी कर रही हैं। मामले की पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने बताया कि डबुगांव थाने में एफआईआर नंबर 160/26 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसमें BNS की धारा 62, 65(2), 486 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO) की सुसंगत धाराओं का उपयोग किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर रहेंगे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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