हरियाणा
एक घंटा पहले
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हिसार पुलिस को मिली बड़ी सफलता
हरियाणा के हिसार में चर्चा का विषय बने डेयरी संचालक जीवन कुंडू हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। काफी समय से फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। गौर करने वाली बात यह है कि यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब खाप पंचायतों और विभिन्न किसान संगठनों की ओर से पुलिस को 13 अगस्त तक का सख्त अल्टीमेटम दिया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गजेंद्र उर्फ गजू पंडित, जो भाटला का रहने वाला है, और साहिल, जो सिंघवा राघो का निवासी है, के रूप में हुई है। हालांकि पुलिस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में यह साफ नहीं किया है कि इन आरोपियों को किस स्थान से दबोचा गया है, लेकिन पीआरओ की तरफ से इनकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए तस्वीरें भी सार्वजनिक की गई हैं। इस मामले में अभी भी एक आरोपी रमेश शर्मा फरार चल रहा है, जो सूर्यनगर का निवासी है। पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
पुलिस टीमों का सघन अभियान
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हिसार के एसपी सिद्धांत जैन के नेतृत्व में कुल 10 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। ये टीमें न केवल हरियाणा के विभिन्न जिलों में बल्कि आसपास के राज्यों में भी लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसपी सिद्धांत जैन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेष बचे हुए वांछित आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही फरार चल रहे अपराधियों पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है ताकि उनकी जानकारी जल्द मिल सके। पीड़ित परिवार की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करते हुए उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया है और उन्हें निजी सुरक्षा भी प्रदान की गई है।
क्या थी हत्या की वजह
यह पूरा विवाद सूर्यनगर की गली नंबर-5 में स्थित जीवन की डेयरी से शुरू हुआ था। मृतक की डेयरी और उसके पड़ोसी रमेश के बीच विवाद की शुरुआत करीब डेढ़ महीने पहले गोबर डालने के मुद्दे को लेकर हुई थी। इसके बाद डेयरी में खोर बनाने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई और रमेश के साथियों ने जीवन की पत्नी अमन पर बरछी से जानलेवा हमला कर दिया। उस समय पुलिस ने रमेश के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। इसके बाद 4 अगस्त को तनाव और ज्यादा गहरा गया, जिसके परिणामस्वरूप जीवन कुंडू की नृशंस हत्या कर दी गई।
अंतिम संस्कार पर बना सस्पेंस
हत्याकांड के बाद से ही क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त था। खाप पंचायतों और किसान संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि 13 अगस्त तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे टोल फ्री कराएंगे और राज्य के मुख्यमंत्री का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस अल्टीमेटम के आखिरी दिन दो मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने के बाद अब अंतिम संस्कार के आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। परिजन और स्थानीय लोग अब पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार का निर्णय ले सकते हैं।
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