देश के 4 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, डीप डिप्रेशन के चलते मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी भारत एक घंटा पहले 5
भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां अब तक 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

भारी बारिश का पूर्वानुमान और डीप डिप्रेशन का प्रभाव

भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। मुख्य रूप से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पश्चिम-मध्य इलाकों के समीप एक डीप डिप्रेशन सक्रिय है, जो लगातार पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के कारण ही मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को विदर्भ, उत्तरी तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश की आशंका जताई गई है। असम जैसे राज्यों में पहले से ही बाढ़ का संकट जारी है, जिससे वहां के लोग जूझ रहे हैं।

अगले 24 घंटों में मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, शनिवार से मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर और अधिक सक्रिय हो सकता है। यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह सिस्टम पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रुख करेगा। इसके बाद आगामी 24 घंटों में यह दक्षिणी मध्य प्रदेश और विदर्भ से होकर गुजरते हुए आगे बढ़ेगा। इन इलाकों के साथ-साथ तेलंगाना और मराठवाड़ा में भी अगले 24 घंटों के भीतर अत्यंत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

अन्य राज्यों में भी सतर्कता

केवल मध्य भारत और पश्चिम भारत ही नहीं, बल्कि राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा, कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी मौसम खराब रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात के संदर्भ में विशेष रूप से सतर्क किया गया है, जहां अनुमानित तौर पर 30 सेंटीमीटर से भी अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार और महानदी का जलस्तर

ओडिशा के कई जिले इस समय बाढ़ की भयावह स्थिति का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से खुर्दा, पुरी, कटक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि कटक के मुंडाली बैराज के पास से लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है। इससे महानदी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कटक के अथागढ़ और बडम्बा क्षेत्र में पानी भरने की सूचना मिलने के बाद डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को बचाव दलों को तैनात करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत के अनुसार, अगले 36 घंटे बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी तंत्र में 8 लाख क्यूसेक से अधिक का बहाव होने पर इसे मध्यम श्रेणी की बाढ़ माना जाता है।

बाढ़ से जनहानि और राहत कार्य

ओडिशा में बाढ़ से जुड़ी दुखद घटनाओं में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है। राहत और बचाव कार्य के लिए खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जैसे संवेदनशील जिलों में तटबंधों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। यद्यपि मुंडाली बैराज पूर्व में 10 से 12 लाख क्यूसेक तक का डिस्चार्ज झेल चुका है, फिर भी स्थिति पर बारीक नजर रखी जा रही है। गुरुवार शाम तक डिस्चार्ज 9 लाख क्यूसेक के स्तर को पार करने की उम्मीद थी, जिससे लूना, करंदिया, चित्रोत्पला, पाइका, सलिया, देवी, कंडाला, कुआखाई, कुशाभद्रा, दया और भार्गवी जैसी सहायक नदियों में भी जलस्तर बढ़ सकता है।

बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या और स्थिति

राज्य के राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पति ने महानदी डेल्टा क्षेत्र के सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा के 30 में से 20 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 7 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों का दायरा बढ़ाते हुए 520 कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 1.90 लाख लोगों ने शरण ली है। इसके अलावा, बालासोर, भद्रक और जाजपुर के 21 गांव अभी भी बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं और अब तक 1,352 घरों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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