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3 घंटे पहले
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तमिलनाडु में मौसम का मिजाज
तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून अब काफी सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले समय को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3 दिनों में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के 2 बड़े क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसमी बदलाव के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
इन 6 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, 21 अक्टूबर को राज्य के कुछ विशेष जिलों पर बारिश का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा। इन जिलों में तूतीकुड़ी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, तेनकासी, विरुधुनगर और रामनाथपुरम शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। हवा की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
अन्य प्रभावित क्षेत्र और चेन्नई का हाल
केवल ऊपर बताए गए जिलों तक ही बारिश सीमित नहीं रहेगी। इसके अलावा नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, तिरुप्पुर, नामक्कल, करूर, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई और शिवगंगा जैसे जिलों में भी भारी बारिश और हवाओं का अलर्ट है। चेन्नई की बात करें तो मौसम विभाग का कहना है कि वहां गरज के साथ बिजली चमकने और मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।
क्या 21 अक्टूबर को बंद रहेंगे स्कूल?
शनिवार और रविवार के अवकाश के बाद, विजयदशमी के चलते स्कूलों में पहले से ही छुट्टियां चल रही थीं। 19 और 20 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित था, जिसके बाद 21 अक्टूबर को स्कूल फिर से खुलने की उम्मीद थी। हालांकि, अब भारी बारिश की चेतावनी के बाद छात्र और उनके अभिभावक इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि क्या कल भी स्कूल बंद रहेंगे। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी का निर्णय लें।
जिला प्रशासन का रुख और छुट्टियां
फिलहाल 21 अक्टूबर के लिए कोई राज्यव्यापी आधिकारिक अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, कुछ जिलों में पहले से ही स्थानीय अवकाश तय हैं। उदाहरण के लिए, तंजावुर में 22 अक्टूबर को राजाराजा चोल की पुण्यतिथि के कारण और तिरुवरूर में मुथुपेट दरगाह कंदूरी उत्सव के कारण स्थानीय छुट्टी है। यदि बारिश की स्थिति गंभीर बनी रहती है, तो कलेक्टर अपने विवेक के आधार पर 21 अक्टूबर को भी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर सकते हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छुट्टियां घोषित करने का निर्णय मौसम की ताजा जानकारी और संबंधित जिले की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही लिया जाएगा। मंत्री राजमोहन ने कहा है कि उचित समय आने पर इसका फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अभिभावकों और छात्रों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या किसी भी अफवाह पर ध्यान देने के बजाय जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा रखें। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
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