स्क्रब टाइफस: झाड़ियों और घास में छिपे कीड़े ले सकते हैं जान, सामान्य बुखार समझने की भूल पड़ सकती है भारी जीवनशैली 5 घंटे पहले 5
घास और झाड़ियों में छिपे संक्रमित माइट्स के काटने से फैलने वाला स्क्रब टाइफस फेफड़ों और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह बेहद घातक साबित हो सकता है।

अक्सर हम सामान्य बुखार या सुस्ती को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। इन दिनों एक ऐसा ही संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है, जिसे स्क्रब टाइफस कहा जाता है। यह बीमारी घास, झाड़ियों और जंगलों में छिपे छोटे कीड़ों के कारण फैलती है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत सामान्य दिखते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण शरीर में बेहद गंभीर रूप ले सकता है।

कैसे फैलता है यह जानलेवा संक्रमण?

गाजियाबाद के डॉ. भावजीत के मुताबिक, यह रोग संक्रमित माइट्स (एक प्रकार के सूक्ष्म कीड़े) के काटने से इंसानों में फैलता है। ये माइट्स आमतौर पर झाड़ियों, हरी घास, सूखी लकड़ियों और घनी प्राकृतिक वनस्पति वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। जब भी कोई व्यक्ति इन जगहों के संपर्क में आता है, तो ये कीड़े उसे काट लेते हैं और संक्रमण शरीर के भीतर प्रवेश कर जाता है।

शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

इस बीमारी के शुरुआती लक्षण बिल्कुल सामान्य बुखार जैसे ही दिखाई देते हैं। यही वजह है कि लोग इसे साधारण मौसमी बुखार समझकर घरेलू उपचार करते रहते हैं। डॉक्टर के पास जाने में की गई यही देरी मरीज की स्थिति को बेहद नाजुक बना देती है।

संक्रमण बढ़ने पर दिखते हैं ये गंभीर लक्षण

डॉ. भावजीत बताते हैं कि जैसे-जैसे शरीर में संक्रमण का असर बढ़ता है, मरीज की स्थिति बिगड़ने लगती है। इसके प्रमुख गंभीर लक्षण इस प्रकार हैं:

  • मरीज को अत्यधिक नींद आना या सुस्ती महसूस होना।
  • सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी होना।
  • फेफड़ों से जुड़ी गंभीर और जटिल समस्याएं उत्पन्न होना।
  • रोग के अत्यंत गंभीर होने पर शरीर के कई अंगों का एक साथ काम करना प्रभावित हो सकता है, जिसे मल्टी-ऑर्गन फेलियर भी कहा जाता है।

बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां

चूंकि यह बीमारी घास और झाड़ियों में रहने वाले कीड़ों से फैलती है, इसलिए कुछ आसान सावधानियां रखकर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है:

  • घास, झाड़ियों और जंगली वनस्पतियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • सूखी लकड़ियों और पत्तों के ढेरों के आसपास जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
  • यदि ऐसे क्षेत्रों में जाना ही पड़े, तो शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि कीड़े न काट सकें।
  • बुखार, सुस्ती या सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।
चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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