International Yoga Day 2026: Rheumatoid Arthritis के मरीजों के लिए योग के चमत्कारिक फायदे जीवनशैली 3 घंटे पहले 6
International Yoga Day 2026 के मौके पर जानें कि कैसे योग नियमित जीवनशैली में शामिल कर Rheumatoid Arthritis और फाइब्रोमायल्जिया जैसी बीमारियों में राहत पाई जा सकती है।

योग का स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर

International Yoga Day 2026 के अवसर पर दुनिया भर में योग के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है। हर साल 21 जून को आयोजित होने वाला यह दिन हमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करता है। एम्स (AIIMS) के रूमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख Uma Kumar के अनुसार, योग का प्रभाव कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर बेहद सकारात्मक देखा गया है। विशेष रूप से Rheumatoid Arthritis और फाइब्रोमायल्जिया के मरीजों के लिए योग एक प्रभावी उपचार साबित हो रहा है।

दवाओं के साथ योग का दोहरा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि जो मरीज दवाओं के साथ नियमित योगाभ्यास करते हैं, उनमें स्वास्थ्य के स्तर पर कई बड़े बदलाव देखे गए हैं:

  • नींद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
  • तनाव और नकारात्मक विचारों में कमी आई है।
  • जीवन जीने की गुणवत्ता बेहतर हुई है।
  • शारीरिक दर्द में काफी राहत मिली है।

कोशिका स्तर पर स्वास्थ्य सुधार

Uma Kumar का कहना है कि योग का प्रभाव शरीर के ऊपरी हिस्से तक ही सीमित नहीं है। शोध में यह साबित हुआ है कि योगाभ्यास से शरीर में सूजन कम होती है और इन्फ्लेमेटरी मार्कर्स के स्तर में कमी आती है। इसके अलावा, मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम हुआ है और माइटोकॉन्ड्रियल फंक्शन में भी सुधार देखा गया है।

गठिया के मरीजों के लिए योग क्यों है जरूरी?

गठिया के मरीजों के लिए योग शरीर को लचीला बनाने और जोड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • जोड़ों की गतिशीलता: नियमित अभ्यास से जोड़ों की रेंज ऑफ मोशन में वृद्धि होती है और सूजन घटती है।
  • दैनिक कार्यों में आसानी: शरीर लचीला होने से रोजमर्रा के काम करना आसान हो जाता है।
  • दर्द में राहत: प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में योगासन करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और शरीर सक्रिय रहता है।

पीठ दर्द के लिए उपयोगी आसन

पीठ दर्द से परेशान लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए कुछ खास योगासन और अभ्यास मददगार हैं:

  • भुजंगासन और शलभासन जैसे योगासन पीठ के लिए बहुत प्रभावी हैं।
  • हल्की स्ट्रेचिंग और बॉडी रोटेशन का अभ्यास करें।
  • गर्दन की एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और शरीर की गतिशीलता बढ़ती है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि योग को केवल एक व्यायाम न मानकर इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि आप शारीरिक फिटनेस और मानसिक शांति प्राप्त कर सकें।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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