ICC वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद हरमनप्रीत कौर का छलका दर्द, टीम के प्रदर्शन पर उठाए गंभीर सवाल खेल 2 महीने पहले 79
ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के लचर प्रदर्शन पर निराशा जताई है और भविष्य के लिए आत्मचिंतन की बात कही है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ मिली हार के मायने

ICC वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज मुकाबले में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 6 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी है। इस हार के साथ ही भारतीय महिला टीम का वर्ल्ड कप का सफर समाप्त हो गया है। टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद हुई बातचीत में टीम की कमियों और हार के कारणों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने न केवल इस मुकाबले के बारे में अपनी राय रखी बल्कि पूरे टूर्नामेंट में टीम के उतार-चढ़ाव भरे सफर का विश्लेषण भी किया।

मैच में कहां चूक गई भारतीय टीम?

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान हरमनप्रीत कौर ने मैच के महत्वपूर्ण मोड़ों को याद करते हुए कहा कि टीम ने बोर्ड पर एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर लिया था। उन्होंने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी के दौरान एक समय ऐसा लगा था कि रन गति कुछ धीमी है, लेकिन पारी के आखिरी कुछ ओवरों में तेजी से रन बनाकर टीम एक प्रतिस्पर्धी लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रही। हरमनप्रीत ने कहा कि अंततः यह एक कड़ा मुकाबला था, लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम भारत के पक्ष में नहीं रहा। उन्होंने हार का बड़ा कारण फील्डिंग में की गई गलतियों को माना। कप्तान ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण मौकों पर कैच छोड़ना टीम पर भारी पड़ा, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद टीम पूरे मैच के दौरान संघर्ष करती रही और मुकाबले में बनी हुई थी।

बड़ी टीमों के सामने भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन

टूर्नामेंट में टीम इंडिया के समग्र प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए हरमनप्रीत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मजबूत और शीर्ष स्तर की टीमों के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी अपने मानकों के अनुरूप खेलने में नाकाम रहे। हरमनप्रीत के अनुसार, जब आप दुनिया की बेहतरीन टीमों के सामने खेलते हैं, तो आपसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस टूर्नामेंट में वैसा खेल देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हमें इस मुद्दे पर गंभीरता से फिर से विचार करने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने माना कि वे दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार हैं और उन्होंने अपनी योजनाओं को मैदान पर पूरी सटीकता के साथ लागू किया। भारत ने भले ही विकेट न गंवाए हों, लेकिन वे रन गति हासिल नहीं कर सके जिसकी टीम को जरूरत थी।

भविष्य के लिए सुधार की जरूरत

भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि टीम को अब एक इकाई के रूप में अपनी रणनीतियों को बदलने की आवश्यकता है। विशेष रूप से मजबूत टीमों के खिलाफ खेलते समय मानसिक और तकनीकी दृष्टिकोण को दुरुस्त करना होगा। हरमनप्रीत ने टीम की दो प्रमुख कमियों पर प्रकाश डाला: पहली यह कि मैच में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद अंतिम ओवरों में बहुत अधिक रन लुटा देना, और दूसरी यह कि लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजी में निरंतरता का अभाव। उन्होंने माना कि ये समस्याएं काफी समय से चली आ रही हैं और अब टीम को इनका स्थायी समाधान निकालना ही होगा।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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