उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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कांवड़ यात्रा में दिखी सियासी आस्था
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार शिव भक्तों के जयकारों से गूंज उठी है। हर साल की तरह इस बार भी देश भर से लाखों की संख्या में कांवड़िए गंगा का पवित्र जल लेने के लिए हर की पौड़ी पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस साल की यात्रा में भक्ति के साथ साथ राजनीतिक निष्ठा का एक दुर्लभ नजारा भी देखने को मिल रहा है। सहारनपुर से आए कुछ शिव भक्तों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपना समर्थन जताते हुए खास संकल्प लिया है।
योगी आदित्यनाथ की सत्ता वापसी का संकल्प
सहारनपुर जिले के रहने वाले कांवड़ियों की एक टोली ने हरिद्वार से गंगाजल भरा और 85 किलोमीटर की लंबी और कठिन पदयात्रा शुरू की। इन भक्तों का उद्देश्य कोई सामान्य मन्नत नहीं, बल्कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना है। भक्त मोहित ने जानकारी दी कि वे अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान शिव से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रदेश में एक बार फिर योगी सरकार की वापसी हो। इस संकल्प के साथ उन्होंने 111 लीटर गंगाजल अपने कंधों पर उठाया है।
सुरक्षा के नाम पर दिखी दीवानगी
सहारनपुर के ही रहने वाले एक अन्य कांवड़िए शिवम कुमार ने बताया कि उन्होंने भी पूरी श्रद्धा के साथ 111 लीटर जल लेकर हरिद्वार से सहारनपुर तक की यात्रा करने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में जितनी सुरक्षा और व्यवस्था देखने को मिली है, वैसी पहले कभी नहीं रही। इसी विश्वास के चलते वे अपनी मन्नत पूरी करने के लिए कठिन रास्तों से गुजर रहे हैं।
निजी मन्नतों का भी संगम
इस टोली में शामिल कांवड़िए केवल राजनीतिक मन्नत ही नहीं, बल्कि अपने परिवारों की समृद्धि के लिए भी प्रार्थना कर रहे हैं। निखिल नाम के एक कांवड़िए ने बताया कि वे अपने गांव की सुख, शांति और खुशहाली की कामना लेकर हरिद्वार से सहारनपुर बेहट रोड तक की यात्रा कर रहे हैं। वहीं, शुभम सैनी ने अपनी बेटी के लिए 51 लीटर जल उठाया है और वे इसे सहारनपुर स्थित अपने गांव सरकडी तक लेकर जा रहे हैं। शुभम ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उन्हें पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है और वे अगले साल फिर से एक बड़ी मन्नत पूरी करने का प्रयास करेंगे।
चर्चा का विषय बनी अनोखी कांवड़
हरिद्वार से गंगाजल लेकर सहारनपुर में शाकुंभरी माता के पास स्थित बेहट रोड तक पहुंचने वाले सौरभ कुमार ने बताया कि योगी आदित्यनाथ को 2027 में फिर से मुख्यमंत्री बनाने की कामना ही उनकी इस यात्रा का मुख्य केंद्र है। वर्तमान में हरिद्वार की सड़कों पर चलती कांवड़ियों की यह विशेष टोली न केवल अपनी श्रद्धा के लिए, बल्कि अपनी राजनीतिक विचारधारा के चलते भी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर कांवड़िए अपने बुजुर्ग माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर श्रवण कुमार का फर्ज निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ के समर्थकों का यह जत्था आस्था और राजनीति के मेल का अनोखा उदाहरण पेश कर रहा है।
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