समोसे की चटनी को लेकर हरदोई में बड़ा बवाल, ग्राहक ने कहा 'चटनी ठीक से डालो' तो दुकानदार ने भाइयों के साथ मिलकर सरेराह पीट दिया उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 67
उत्तर प्रदेश के हरदोई में समोसे की चटनी ठीक से डालने की मांग करने पर एक मजदूर की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि पैसे न देने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां खाने-पीने की एक छोटी सी चीज पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। घटना हरियावां थाना क्षेत्र की है, जहां समोसे के साथ दी जाने वाली चटनी को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोपी दुकानदार और उसके भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने एक दिहाड़ी मजदूर को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पीड़ित खुद को बचाने के लिए सड़क पर भागता रहा और मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

चटनी ठीक से डालने को कहने पर भड़का गुस्सा

यह पूरी घटना हरियावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उतरा गांव के रहने वाले धीरज सिंह चौहान के साथ घटी। धीरज सिंह चौहान, जो कि दिनेश सिंह चौहान के पुत्र हैं, हरदोई शहर में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। पीड़ित धीरज के अनुसार, वह रोज की तरह शाम को अपना काम खत्म करके वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान वह रास्ते में आठवां मील नामक स्थान पर स्थित एक समोसे की दुकान पर नाश्ता करने के लिए रुके थे।

धीरज ने बताया कि जब वह समोसा ले रहे थे, तब उनके ऊपर थोड़ी सी चटनी गिर गई। इस पर उन्होंने दुकानदार से बहुत ही सामान्य लहजे में कहा कि "चटनी ठीक से डालो"। पीड़ित का आरोप है कि बस इतनी सी बात सुनते ही दुकानदार रामजी गुप्ता का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उसने आव देखा न ताव, तुरंत अपने भाइयों सत्यम गुप्ता और कालिया को बुला लिया। इसके बाद तीनों भाइयों ने मिलकर धीरज पर लाठी और डंडों से हमला कर दिया और उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

मदद की गुहार लगाता रहा पीड़ित, मौके पर मूकदर्शक बनी रही पुलिस

पिटाई के दौरान पीड़ित खुद को बचाने के लिए काफी देर तक इधर-उधऱ भागता रहा और लोगों से बचाने की गुहार लगाता रहा। लेकिन आरोपी लगातार उस पर वार करते रहे। इस मारपीट के दौरान धीरज गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। पीड़ित परिवार ने इस पूरी घटना में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब यह पूरी वारदात हो रही थी और धीरज को बेरहमी से पीटा जा रहा था, तब पुलिस बल वहां मौजूद था। लेकिन पुलिस कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया और वे मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। जब धीरज बेहोश हो गए, तब पुलिस उन्हें उठाकर हरियावां थाने ले गई। वहां से उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। धीरज की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस प्रशासन का बयान और दूसरा पहलू

इस पूरे मामले को लेकर जब हरियावां के थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने घटना का एक अलग ही पहलू सामने रखा। थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि धीरज सिंह चौहान ने दुकानदार की दुकान पर समोसा खाया था, लेकिन उन्होंने उसके पैसे नहीं दिए थे। जब दुकानदार ने उनसे समोसे के पैसे मांगे, तो धीरज नाराज हो गए और उन्होंने दुकानदार पर बेल्ट से हमला कर दिया। इसके बाद बचाव और जवाबी कार्रवाई में दुकानदार और उसके तीनों भाइयों ने मिलकर धीरज की पिटाई कर दी।

थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि इस मारपीट की घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्शन लिया है। इस मामले में एक होमगार्ड की तहरीर के आधार पर दोनों ही पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों का शांति भंग की धाराओं के तहत चालान किया जा रहा है और मामले की आगे की जांच जारी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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