आसमान में उड़ेगी आपकी कार, फ्लाइंग व्हीकल के सफल परीक्षण से चर्चा में रवि टम्टा भारत 2 घंटे पहले 2
उत्तराखंड के इनोवेटर रवि टम्टा ने HAPIDA SKYNeX नामक फ्लाइंग व्हीकल का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है, जो भविष्य में व्यक्तिगत हवाई यात्रा को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भविष्य की उड़ान: अब घर से सीधे आसमान का सफर

क्या आपने कभी यह कल्पना की है कि आप अपनी कार में बैठकर सड़कों की भीड़भाड़ से बचते हुए सीधे उड़ान भर लेंगे। यह सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन अल्मोड़ा के रहने वाले रवि टम्टा ने इसे हकीकत के करीब ला खड़ा किया है। रवि टम्टा, जो हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर हैं, ने अपने द्वारा विकसित HAPIDA SKYNeX फ्लाइंग व्हीकल के प्रोटोटाइप का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में रवि खुद इस फ्लाइंग मशीन को उड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। उनका मानना है कि पर्सनल स्काई मोबिलिटी ही भविष्य की परिवहन प्रणाली है।

स्काई मोबिलिटी का सपना

यह अत्याधुनिक फ्लाइंग व्हीकल पूरी तरह से इलेक्ट्रिक तकनीक पर आधारित है। इसे ड्रोन तकनीक में सुधार करके विकसित किया गया है ताकि व्यक्तिगत हवाई परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके। रवि टम्टा ने बताया कि मानव इतिहास में परिवहन का स्वरूप लगातार बदलता रहा है। पहले मनुष्य जानवरों का उपयोग करते थे, फिर कारें और रेल आई, और उसके बाद हवाई जहाज का आविष्कार हुआ। अब समय अगली बड़ी क्रांति का है, जो कि स्काई मोबिलिटी है।

एयरक्राफ्ट के मौजूदा फ्लाइंग सिस्टम काफी महंगे हैं और हर जगह उपलब्ध भी नहीं हैं। मैं एक ऐसा विकल्प लाना चाहता हूं जिससे आप घर से वर्टिकल टेक ऑफ और लैंडिंग करके मेडिकल इमरजेंसी या किसी भी जरूरी काम के लिए कहीं भी आ जा सकें: रवि टम्टा

दूरी और क्षमता को लेकर क्या है योजना

जब रवि टम्टा से इस फ्लाइंग मशीन की क्षमता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इसकी दूरी तय करने की कोई तय सीमा नहीं है। जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव किए जा सकते हैं और बैटरी की चार्जिंग क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है। इस प्रोटोटाइप को तैयार करने में उन्हें पूरे एक साल का समय लगा है। रवि ने बताया कि उनके इस सफर में उनके परिवार का हमेशा से पूरा सहयोग रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिनमें उन्हें अपनों से भरपूर समर्थन मिला है।

सरकारी अनुमति और मुख्यमंत्री की सराहना

वर्तमान में इस तकनीक को व्यावसायिक रूप से उतारने के लिए रवि टम्टा प्रशासन, सरकार और DGCA के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस विषय पर बातचीत जारी है ताकि इसे भविष्य के नियमों के दायरे में लाया जा सके। रवि टम्टा की इस अनूठी उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कामयाबी साबित करती है कि राज्य के युवाओं के पास नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रतिभा का बेहतरीन संगम है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप