हिमाचल के छात्र सर्वेश शर्मा का सेना के लिए ड्रोन बनाने और 3.5 करोड़ की ग्रांट का दावा निकला फर्जी, IDEX DIO ने किया खंडन हिमाचल प्रदेश एक घंटा पहले 5
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्र सर्वेश शर्मा के 3.5 करोड़ रुपये की रक्षा ग्रांट के दावे को रक्षा मंत्रालय की संस्था IDEX DIO ने फर्जी करार दिया है, वहीं हॉस्टल से गिरकर घायल हुए छात्र के मामले में पुलिस जांच जारी है।

IDEX DIO ने एक्स पर पोस्ट कर सोशल मीडिया के दावों को नकारा

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज बड़ू के छात्र सर्वेश शर्मा द्वारा भारतीय सेना के लिए ड्रोन तैयार करने और इसके लिए 3.5 करोड़ रुपये की सरकारी ग्रांट मिलने के दावे पर अब बड़ा मोड़ आ गया है। भारतीय सेना के 'इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस' केंद्र (IDEX DIO) ने इस पूरे दावे को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद करार दिया है।

संस्था ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि पिछले दो महीनों से सर्वेश शर्मा के प्रोजेक्ट को 3.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलने की जो खबरें प्रसारित हो रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। IDEX DIO ने आम लोगों और मीडिया से अपील की है कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच-परख और क्रॉस वेरिफिकेशन जरूर किया जाना चाहिए।

क्या है IDEX पहल और रक्षा मंत्रालय से इसका संबंध?

गौरतलब है कि इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (IDEX) रक्षा क्षेत्र में नए विचारों, तकनीकों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा वर्ष 2018 में इस योजना का शुभारंभ किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को रक्षा विनिर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें तकनीकी व वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।

हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद उठे कई बड़े सवाल

सर्वेश शर्मा के इस प्रोजेक्ट और ग्रांट को लेकर चल रहा विवाद तब और गहरा गया जब वह संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए। यह घटना 28 अक्तूबर को घटी थी, जिसके ठीक आसपास ही IDEX DIO ने सोशल मीडिया पर उनके ग्रांट मिलने के दावों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया।

हादसे के तुरंत बाद सर्वेश शर्मा को इलाज के लिए डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें PGI रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके हाथ और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं। इस हादसे के बाद पूरी घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है।

प्रशासनिक सम्मान, पूर्व दावे और कॉलेज प्रबंधन का पक्ष

सर्वेश शर्मा हमीरपुर जिले की भोरंज तहसील के अंतर्गत आने वाली बाहनवी पंचायत के निवासी हैं। वह बड़ू स्थित पॉलीटेक्निक संस्थान में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के 5वें सत्र के छात्र हैं। कुछ समय पूर्व उन्होंने लगभग 87 हजार रुपये की लागत से एक विशेष ड्रोन तैयार किया था, जिसके बाद वह अचानक खबरों की सुर्खियों में आए थे।

इस कथित उपलब्धि को लेकर जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन की तरफ से भी पहले आधिकारिक रुख अपनाया गया था:

  • 24 सितंबर को हमीरपुर जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन द्वारा सर्वेश की इस उपलब्धि को लेकर एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी की गई थी।
  • हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने भी छात्र सर्वेश शर्मा को उनकी इस कथित उपलब्धि के लिए बाकायदा सम्मानित किया था।
  • हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, IDEX के बयान के बाद सेना के अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क साधकर छात्र सर्वेश शर्मा का फोन नंबर मांगा है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम और उठे सवालों के बीच कॉलेज प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है। वहीं पुलिस भी हॉस्टल से गिरने की घटना और फर्जी दावों के तार आपस में जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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