जीतू पटवारी ने ग्वालियर की MP-MLA कोर्ट में किया सरेंडर, 25,000 रुपये के मुचलके पर मिली जमानत मध्य प्रदेश एक महीने पहले 41
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़े एक पुराने मानहानि मामले में ग्वालियर की विशेष अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी है और मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त के लिए तय की गई है।

अदालत में पेश हुए जीतू पटवारी

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को ग्वालियर की विशेष MP-MLA अदालत में जाकर सरेंडर कर दिया है। यह कानूनी कार्रवाई उनके खिलाफ जारी हुए एक स्थाई गिरफ्तारी वारंट के बाद की गई है। अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद उन्हें 25,000 रुपये की जमानत राशि भरने पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में खासी हलचल मचा दी है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान भिंड जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। आरोप है कि पटवारी ने जनसभा में सार्वजनिक रूप से यह दावा किया था कि बसपा के प्रत्याशी देवाशीष जरारिया की भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलीभगत है।

क्यों दर्ज हुआ था मामला

जीतू पटवारी के इस बयान के बाद बसपा पदाधिकारी अशोक गुप्ता ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता द्वारा दिया गया बयान न केवल मानहानिकारक है, बल्कि यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने की सोची-समझी कोशिश थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

कोर्ट ने जारी किया था स्थाई वारंट

यह कानूनी मुकदमा ग्वालियर की विशेष MP-MLA अदालत में विचाराधीन है। पिछली कई पेशियों पर जब जीतू पटवारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए, तो कोर्ट ने उनके प्रति अपना रुख सख्त कर लिया और उनके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। अदालत ने इस मामले को लेकर भिंड के पुलिस अधीक्षक को भी कड़ी चेतावनी जारी की थी। अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि यदि इस बार वारंट की तामील समय पर नहीं हुई, तो जवाबदेह अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को

अदालत की सख्ती और कानूनी प्रक्रिया के दबाव के चलते जीतू पटवारी ने सोमवार को स्वयं ग्वालियर पहुंचकर कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते प्रदेश भर में राजनीतिक बहस का दौर फिर से तेज हो गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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