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एक घंटा पहले
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गोलीकांड के आरोपी का अंत
असम के गुवाहाटी में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित होटल गोलीकांड के मुख्य गुनहगार का अध्याय खत्म हो गया है। इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी घनकांता गोगोई अब जीवित नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिवसागर जिले में बुधवार की भोर में पुलिस हिरासत से फरार होने की कोशिश के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी मारा गया है। इस घटना ने उस जघन्य अपराध पर पूर्ण विराम लगा दिया है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। आरोपी की मौत के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों ने इसे अपने अपनों के लिए ईश्वरीय न्याय माना है।
क्या था पूरा मामला
यह पूरी घटना 26 अक्टूबर की है, जब गुवाहाटी के एक होटल में गोलियों की गूंज से अफरा-तफरी मच गई थी। 34 वर्षीय घनकांता गोगोई, जिसने उस होटल को लीज पर ले रखा था, ने छह लोगों को अपना निशाना बनाया था। इस बर्बर हमले में होटल के मालिक के परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमलावर ने बहुत ही बेरहमी से लोगों पर गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में भूदेव भराली (65), उनकी बहन हेलेना (58), हेलेना के बेटे देबर्षि कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और होटल के कर्मचारी नारायण दास (48) की जान चली गई थी। वहीं, परिवार के चालक सत्येंद्र पाठक (43) इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के तत्काल बाद पुलिस ने गोगोई को दबोच लिया था और उसके पास से एक पिस्तौल भी बरामद की थी।
परिवार को मिली राहत
आरोपी की मौत की खबर सुनते ही शोक में डूबे पीड़ित परिवारों को जैसे एक बड़ी राहत मिली है। परिजनों के मन में लगातार इस बात का डर बना हुआ था कि अगर अपराधी जीवित रहा या कानून की लचर प्रक्रिया के चलते बच निकला, तो वह दोबारा उनके लिए खतरा बन सकता है। भूदेव भराली और हेलेना की बुजुर्ग मां ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका भरोसा ईश्वर पर था और उन्हें यकीन था कि न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आरोपी के खात्मे के बाद अब उनके मृत परिजनों की आत्माओं को सच्ची शांति मिलेगी। उनके अनुसार, यह फैसला इंसानी अदालत से ऊपर उठकर हुआ है, जिसे वे ईश्वरीय न्याय मानती हैं।
समर्थन के लिए जताया आभार
भूदेव भराली की बेटी ने भी इस कठिन समय में राज्य की जनता द्वारा दिए गए सहयोग और एकजुटता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, लेकिन आरोपी की मौत ने उन्हें मानसिक शांति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुखद परिस्थिति में भी जब वे अपने परिजनों को याद कर रही हैं, तब इस खबर ने उन्हें यह महसूस कराया है कि उनके परिवार को न्याय मिल गया है। यह पूरा मामला न केवल कानूनी था, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा था, जिसने पूरे असम के समाज को हिलाकर रख दिया था।
पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश
घटनाक्रम के मुताबिक, गुवाहाटी गोलीकांड में सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद स्थानीय अदालत ने गोगोई को जेल भेज दिया था। लेकिन खेल तब बदला जब शिवसागर पुलिस ने उसे वर्ष 2024 के एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। जांच को आगे बढ़ाने के लिए जब पुलिस टीम उसे लेकर शिवसागर जा रही थी, तभी बुधवार तड़के उसने सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने का दुस्साहस किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत हो गई। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी की मौत के साथ ही इस गोलीबारी के मामले में एक बड़ा अध्याय कानूनी रूप से बंद हो गया है।
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