आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: तंत्र साधना और सिद्धि के लिए बेहद विशेष है यह समय, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और तिथियां धर्म एक महीने पहले 92
वर्ष 2026 में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगी, जिसमें विशेष तांत्रिक साधना और दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है।

सनातन धर्म में शक्ति उपासना का विशेष महत्व है और इसके लिए नवरात्रि के नौ दिन सबसे उत्तम माने जाते हैं। आमतौर पर लोग साल में दो बार आने वाली सामान्य नवरात्रि के बारे में जानते हैं, लेकिन इसके अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं जो आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। वर्ष 2026 में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का आगमन होने जा रहा है। यह समय उन साधकों के लिए बेहद खास है जो गुप्त रूप से देवी भगवती की आराधना कर विशेष सिद्धियां प्राप्त करना चाहते हैं।

साल में चार बार आती है नवरात्रि: जानें क्या है अंतर

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल भर में कुल चार बार नवरात्रि का पर्व आता है। इनमें से दो सामान्य नवरात्रि होती हैं, जिन्हें हम चैत्र या बसंत नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के नाम से जानते हैं। इन दोनों नवरात्रि में गृहस्थ लोग माता दुर्गा के नौ रूपों की सार्वजनिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं और घरों में कलश स्थापना की जाती है। इसके विपरीत, साल में दो बार गुप्त नवरात्रि आती है जो आषाढ़ और माघ महीने में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तांत्रिक पूजा, कठिन साधना, मंत्र जाप और दस महाविद्याओं की उपासना के लिए समर्पित होती है। इसमें की जाने वाली पूजा को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है ताकि साधना का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और उदया तिथि का महत्व

पूर्णिया के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मनोत्पल झा के अनुसार, इस वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 14 जुलाई को दोपहर 3:12 बजे होने जा रहा है। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 जुलाई को दोपहर 11:50 बजे होगा। हिंदू धर्मशास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, किसी भी व्रत या त्योहार की तिथि का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर किया जाता है। इसलिए, उदया तिथि को महत्व देते हुए प्रतिपदा तिथि 15 जुलाई को ही मान्य होगी। इसी दिन से भक्त और साधक आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के लिए कलश स्थापना कर सकेंगे और अपनी नौ दिनों की साधना का शुभारंभ करेंगे।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां

पंडित मनोत्पल झा ने बताया कि आषाढ़ महीने की यह गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई को कलश स्थापना के साथ शुरू होकर 24 जुलाई को विजयादशमी के साथ संपन्न होगी। इस दौरान पड़ने वाली मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:

  • 15 जुलाई 2026: गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ और कलश स्थापना
  • 22 जुलाई 2026: महाअष्टमी तिथि का विशेष पूजन
  • 23 जुलाई 2026: महानवमी तिथि की साधना
  • 24 जुलाई 2026: विजयादशमी तिथि और नवरात्रि का समापन

तंत्र साधना, सिद्धि और मां कामाख्या मंदिर का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान की जाने वाली पूजा और मंत्र साधना का फल बहुत जल्दी मिलता है। इस समय को तांत्रिक क्रियाओं और विशेष मानसिक साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। साधक इस दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की अत्यंत गोपनीय तरीके से आराधना करते हैं। इस काल में शक्तिपीठों पर भक्तों और साधकों का जमावड़ा लगता है। विशेष रूप से प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर में इस गुप्त नवरात्रि के दौरान अत्यंत विशेष और भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है, जहां देश-विदेश से तंत्र साधक अपनी साधना को सिद्ध करने के लिए पहुंचते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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