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एक दिन पहले
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प्राइम वीडियो और टीवीएफ ने अपनी आगामी कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज 'ग्राम चिकित्सालय सीजन 2' का दिलचस्प ट्रेलर पेश कर दिया है, जिसे देखकर दर्शक खुद को हंसने से रोक नहीं पाएंगे। द वायरल फीवर के बैनर तले बनी और ललितम तिवारी के निर्देशन वाली इस सीरीज की कहानी वैभव सुमन और श्रेया श्रीवास्तव की कलम से निकली है, जबकि इसे दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने मिलकर तैयार किया है। हंसी से लोटपोट कर देने वाले इस ट्रेलर में दिखाया गया है कि डॉ प्रभात किस तरह भठकंडी के एक बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा पटरी पर लाने के लिए चुनौतियों से जूझ रहे हैं। हालांकि उन्हें जल्द ही एहसास होता है कि कुछ बीमारियां दवाओं से नहीं, बल्कि किसी बिल्कुल अलग तरीके से ही ठीक होती हैं।
वेब सीरीज की कास्ट और रिलीज डेट
'ग्राम चिकित्सालय सीजन 2' में अमोल पाराशर, आकाश मखीजा, आनंदेश्वर द्विवेदी, विनय पाठक, आकांक्षा रंजन कपूर और गरिमा विक्रांत सिंह एक बार फिर अपने-अपने किरदारों में लौट रहे हैं। इस बार दिनेश लाल यादव भी एक अहम भूमिका के साथ इस सीरीज का हिस्सा बन रहे हैं। यह नया सीजन भारत समेत दुनिया भर के 240 देशों में 23 जून को सिर्फ प्राइम वीडियो पर हिंदी में प्रीमियर होने को तैयार है।
किस दिशा में बढ़ेगी सीजन 2 की कहानी
ट्रेलर में डॉ प्रभात (अमोल पाराशर) के उस अभियान की झलक मिलती है, जिसमें वे भठकंडी के एक जर्जर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को फिर से पहले जैसा बनाने में जुटे हैं। जैसे ही उन्हें यकीन होता है कि अब गांव वाले उनके साथ खड़े हैं, वैसे ही नई-नई चुनौतियां उनके सामने आ खड़ी होती हैं। डॉ प्रभात को लगता है कि अगर उनके अस्पताल को आदर्श पीएचसी का दर्जा मिल जाए तो सारी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी। लेकिन उन्हें जल्द ही समझ आता है कि कामयाबी सिर्फ डॉक्टरी की डिग्री या अच्छा अस्पताल चलाने से नहीं मिलती। गांव वालों के अनोखे रवैये, स्थानीय राजनीति, लोगों के मन में बैठे शक और जरूरी संसाधनों की लगातार कमी के बीच, क्या डॉ प्रभात भठकंडी की इन उलझनों का सही इलाज ढूंढ पाएंगे या यह साबित हो जाएगा कि ये सब सुधारना उनके बस की बात नहीं है?
सीरीज को लेकर अमोल पाराशर की राय
डॉ प्रभात का मुख्य किरदार निभा रहे अमोल पाराशर ने कहा, 'इस नए अध्याय में भठकंडी में मेरे किरदार का सफर कुछ ऐसे आगे बढ़ता है, जैसा शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। उसे थोड़ी कामयाबी जरूर मिली है, लेकिन साथ ही नई मुसीबतें भी उसके सामने आ खड़ी हुई हैं। मुझे इस सीरीज की सबसे खास बात यह लगी कि इसमें गांव के अस्पतालों की असली और गंभीर दिक्कतों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है और फिर उन्हें मजाक, अपनेपन, कॉमेडी और भावनाओं के साथ इस अंदाज में पेश किया गया है कि इसकी कहानी हर उम्र और हर इलाके के दर्शक को अपनी सी लगती है।'
विनय पाठक ने क्या कहा
चेतन कुमार के किरदार में नजर आने वाले विनय पाठक ने कहा, 'टीवीएफ ने हमेशा जमीन से जुड़ी और आम लोगों की कहानियां पेश की हैं, जो सीधे दर्शकों के दिलों में उतर जाती हैं और 'ग्राम चिकित्सालय' इसकी बेहतरीन मिसाल है। इस शो की खूबी यह है कि यह गांव के अस्पतालों की सच्चाई और वहां के लोगों की जिंदगी को अपनेपन, हंसी-मजाक और सच्चे जज्बातों के साथ दिखाता है। नए सीजन में आपसी रिश्ते और गहरे होंगे, मुश्किलें और उलझी हुई होंगी और इन किरदारों का सफर और भी मजेदार बन जाएगा। मुझे उस पल का बेसब्री से इंतजार है, जब दर्शक दोबारा इस माहौल में लौटेंगे और पूरे गांव से फिर से जुड़ेंगे।'
आकांक्षा रंजन कपूर का बयान
डॉ गार्गी की भूमिका निभा रहीं आकांक्षा रंजन कपूर ने कहा, 'इस नए सीजन में गांव के अस्पतालों की बदहाली, गांव की राजनीति और आम लोगों की रोजमर्रा की मुश्किलों को एक नए नजरिए से दिखाया गया है। मेरा किरदार जमीन से जुड़ा और आगे बढ़ने की चाहत रखने वाला है, लेकिन उसे यह भी अच्छी तरह पता है कि जिन हालातों में वह काम कर रही है, उनमें क्या मुमकिन है और क्या नहीं। मुझे अपने किरदार की सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह किसी से डरती नहीं और अपने दिल की बात खुलकर कहना जानती है। एक बार फिर ऐसी कहानी का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा, जो बिल्कुल सच्ची लगती है और मनोरंजन के साथ-साथ कुछ अच्छा करने की सीख भी देती है।'
दिनेश लाल यादव की प्रतिक्रिया
बाबू साहब का किरदार निभा रहे दिनेश लाल यादव ने कहा, 'ग्राम चिकित्सालय का पहला सीजन रिलीज होने के तुरंत बाद मैंने भी इसे देखा था और मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि इसे बेहद खूबसूरती से बनाया गया था। इसमें गांव के माहौल, रोज की भागदौड़ और मुश्किलों, लोगों के बीच आपसी मेलजोल और बाहरी लोगों पर भरोसा न करने जैसी बातों को बड़ी सच्चाई से, लेकिन हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। इस सीरीज की सबसे खास बात यही है कि यह असली दिक्कतों को इस तरह दिखाती है कि आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाए और आप हंसने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर हो जाएं। असल जिंदगी से जुड़ी ऐसी कहानियां पेश करने के लिए मैं टीवीएफ का शुक्रगुजार हूं, और प्राइम वीडियो का भी, जो जमीन से जुड़ी इन भारतीय कहानियों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहे हैं।'
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