भारत
2 घंटे पहले
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सरकार ने चर्चा के लिए दी सहमति
संसद के मानसून सत्र के दौरान देश भर में चल रहे छात्र आंदोलन और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार इस मामले पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा था। अब इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार इस पूरे मामले पर सदन में विस्तार से चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी मुद्दे पर बात करने से पीछे नहीं हटेगी और सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के पटल पर जवाब देंगे।
विपक्ष को सुनना होगा जवाब
किरन रिजिजू ने विपक्ष को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि सरकार जवाब देने के लिए तो तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि जब गृह मंत्री सदन में सरकार का पक्ष रखने के लिए खड़े हों, तो विपक्षी सांसद हंगामा शुरू कर दें या शोर-शराबा मचाकर सदन से बाहर चले जाएं। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि सरकार जो भी तथ्य सामने रखेगी, विपक्ष को उसे धैर्यपूर्वक सुनना चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके और जनता को वास्तविकता पता चल सके।
हंगामे के कारण बाधित रही कार्यवाही
उल्लेखनीय है कि सोमवार को संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों ने जबरदस्त हंगामा किया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल बयान की मांग की, जिसके कारण सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल का संचालन नहीं हो सका।
विपक्ष के आपसी मतभेदों पर रिजिजू की टिप्पणी
संसदीय कार्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाए। रिजिजू ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी गृह मंत्री के बयान की मांग की थी, जिसे सरकार ने मान लिया है। उन्होंने कहा, हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) को अपने बीच के मतभेदों को सुलझाने की जरूरत है। सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा जा चुका है, अब विपक्ष को तय करना है कि वे इस पर सकारात्मक रुख अपनाएंगे या फिर गतिरोध जारी रखेंगे। सरकार अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और हर एक मुद्दे पर जवाब देने के लिए तत्पर है।
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