आगर मालवा में कृषि केंद्र की आड़ में चल रहा था नकली नोट छापने का धंधा, यूट्यूब से सीखकर दो युवकों ने बना डाले हजारों के जाली नोट मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 70
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने एक नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एक खाद-बीज की दुकान की आड़ में ₹500 के जाली नोट छाप रहा था।

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से जालसाजी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार एक वैध कृषि सेवा केंद्र की आड़ में धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं, पुलिस अब इसकी गहराई से तफ्तीश कर रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की छापेमारी

यह पूरी कार्रवाई जिले के नलखेड़ा थाना पुलिस द्वारा की गई है। नलखेड़ा के थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया कि पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के पास स्थित पवार कृषि सेवा केंद्र पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और वहां नकली नोट छापे जा रहे हैं। इस पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान पर अचानक दबिश दी।

पुलिस की इस छापेमारी के दौरान दुकान से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी के रूप में हुई है। पुलिस ने जब दुकान और वहां मौजूद एक बैग की गहन तलाशी ली, तो वहां बड़ा खुलासा हुआ। बैग से 500-500 रुपये के कुल 115 नकली नोट बरामद हुए, जिनका कुल मूल्य 57 हजार 500 रुपये आंका गया है। इसके अलावा पुलिस ने मौके से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • एक आधुनिक रंगीन प्रिंटर
  • कागज काटने वाला कटर
  • नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष कागज और अन्य उपकरण

यूट्यूब पर वीडियो देखकर सीखी जालसाजी

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने नकली नोट बनाने का पूरा तरीका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा था। उन्होंने आसानी से और जल्दी पैसे कमाने के लालच में इस अवैध काम को अंजाम देना शुरू किया।

आरोपियों की कार्यप्रणाली इस प्रकार थी:

  • सबसे पहले वे असली 500 रुपये के नोट को स्कैनर की मदद से स्कैन करते थे।
  • इसके बाद रंगीन प्रिंटर का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले कागज पर उसकी हूबहू कॉपियां निकालते थे।
  • अंत में, कटर की मदद से वे उन कागजों को असली नोट के आकार में सटीकता से काट लेते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बरामद किए गए कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर दर्ज था, जिससे उनके पूरी तरह से नकली होने की पुष्टि हो गई।

BNS के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

नलखेड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178(3)(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक बाजार में कितने नकली नोट खपाए हैं। इसके साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं जो इन जाली नोटों को बाजार में चलाने में उनकी मदद करते थे। आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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