राष्ट्रीय राजनीति
8 घंटे पहले
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तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में पिछले पांच दशकों से अधिक समय से द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के बारी-बारी से शासन करने का जो सिलसिला चल रहा था, उसे तोड़ते हुए एक नई राजनीतिक शक्ति ने सत्ता संभाली है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार आगामी 17 अगस्त को अपने कार्यकाल के शानदार 100 दिन पूरे करने जा रही है। इस नई नवेली सरकार ने अपने शुरुआती सफर में न केवल लोक-कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी है, बल्कि प्रशासनिक मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण और कड़े फैसले लिए हैं।
इस राजनीतिक क्रांति की शुरुआत इसी साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से हुई थी, जिसमें टीवीके ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद 10 मई को सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी पदभार ग्रहण किया। सरकार को और मजबूती देने के उद्देश्य से 21 मई को कैबिनेट का विस्तार किया गया, जिसमें 23 नए मंत्रियों को शामिल किया गया और इसके अगले ही दिन दो और मंत्रियों को मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया गया।
शपथ लेते ही विजय ने लिए तीन बड़े फैसले
मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के तुरंत बाद ही सी. जोसेफ विजय ने अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने सत्ता संभालते ही तीन बेहद महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए, जो सीधे तौर पर आम जनता के कल्याण और सुरक्षा से जुड़ी हुई थीं:
- पहला बड़ा फैसला उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए था जो 500 यूनिट तक बिजली का उपयोग करते हैं। सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का प्रावधान किया है।
- दूसरा निर्णय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर था, जिसके तहत राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स' के गठन को मंजूरी दी गई।
- तीसरा बड़ा कदम नशे के खिलाफ उठाते हुए राज्य भर में 65 एंटी-नारकोटिक्स यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
नशा मुक्ति और जनहित की दिशा में कड़े कदम
टीवीके सरकार ने सामाजिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ते हुए शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के पास संचालित होने वाली 717 टीएएसएमएसी शराब की दुकानों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए उनके महंगाई भत्ते को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली प्रसिद्ध 'अम्मा कैंटीन' की स्थिति सुधारने के लिए उनके जीर्णोद्धार और नवीनीकरण के आदेश भी जारी किए गए हैं। वहीं, कृषि क्षेत्र को राहत देते हुए सीमांत और छोटे किसानों के लिए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की एक बड़ी घोषणा की गई है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात और जन कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत
राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के हितों की पैरवी करने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने 27 मई को देश की राजधानी नई दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और तमिलनाडु से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में विशेष रूप से मेकेदातु बांध विवाद और राज्य के मछुआरों को श्रीलंका सीमा पर होने वाली परेशानियों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें पीएम के समक्ष उठाई गईं।
इसके बाद, 9 जून को मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित 'सिंगप्पेन फोर्स' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना की भी घोषणा की है।
संशोधित बजट में लोकलुभावन योजनाओं की बौछार
टीवीके सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधित बजट में राज्य के हर वर्ग के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। राज्य की वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने इस बजट को पेश करते हुए स्पष्ट किया कि इसमें पार्टी द्वारा चुनाव के दौरान किए गए 125 वादों को शामिल किया गया है। बजट की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित घोषणाएं शामिल हैं:
- नवविवाहित दुल्हनों के लिए आठ ग्राम के सोने के सिक्के और साथ ही रेशमी कपड़े प्रदान करने की योजना।
- गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए झुग्गी-झोपड़ियों के स्थान पर 70,000 पक्के मकानों का निर्माण कराया जाएगा।
- स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 11वीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं को आधुनिक साइकिलें बांटी जाएंगी।
- उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे।
औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर
प्रशासनिक सुधारों और कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ टीवीके सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सरकार के दावों के अनुसार, अपने शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही प्रशासन ने विभिन्न उद्योगों के साथ 104 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके जरिए राज्य में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भारी-भरकम निवेश आकर्षित किया गया है।
इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि 'वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव' का आयोजन रहा, जिसमें अकेले 67,452 करोड़ रुपए के निवेश वाले 97 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस विशाल निवेश के जरिए तमिलनाडु के 23 जिलों में लगभग 1.07 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की प्रबल संभावना है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए साधन मिलेंगे।
विपक्ष के तेवर और भविष्य की चुनौतियां
भले ही टीवीके सरकार के शुरुआती 100 दिन उपलब्धियों से भरे नजर आ रहे हों, लेकिन इस नए प्रशासन को विपक्ष के तीखे हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है। मुख्य विपक्षी दलों डीएमके और एआईएडीएमके ने राज्य की कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों, बिजली कटौती की समस्या और शहरों में खराब कचरा प्रबंधन को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
विधानसभा के भीतर भी नए और कम अनुभवी मंत्रियों को विपक्ष के अनुभवी और वरिष्ठ विधायकों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इन तमाम राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने की एक सकारात्मक छवि पेश करने में सफलता पाई है।
भले ही सरकार का शुरुआती रिकॉर्ड काफी उत्साहजनक और उम्मीदें जगाने वाला दिखाई दे रहा है, लेकिन वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जो बड़े-बड़े वादे और निवेश के समझौते किए गए हैं, उन्हें धरातल पर कितनी कुशलता और ईमानदारी से उतारा जाता है। यही क्रियान्वयन यह तय करेगा कि विजय सरकार के ये शुरुआती 100 दिन तमिलनाडु में एक बड़े और स्थाई बदलाव की ठोस नींव बन पाते हैं या नहीं।
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