बिग बास्केट और डी-मार्ट के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली के कॉल सेंटर पर मारा छापा
दिल्ली
एक दिन पहले
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कैसे चल रहा था ठगी का खेल
गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे साइबर गिरोह को पकड़ा है जो नामी कंपनियों बिग बास्केट और डी-मार्ट की आड़ में लोगों को अपना शिकार बना रहा था। ये आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को आकर्षित करते थे। जब कोई व्यक्ति विज्ञापन देखकर संपर्क करता था, तो ये उसे एक APK फाइल भेजते थे। इस फाइल को इंस्टॉल करते ही पीड़ित के फोन का एक्सेस साइबर अपराधियों के पास चला जाता था, जिसके बाद वे बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते थे।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मानेसर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद 23 जून 2026 को दिल्ली के न्यू अशोक नगर के ए-ब्लॉक में छापेमारी की। इस दौरान मौके से 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज कुमार (27), प्रशांत कुमार (28), करण (19), सोनू (24) और अखिल अहमद (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके ठिकाने से 18 मोबाइल फोन और 1 टैब भी बरामद किए हैं।
शिकायत के बाद खुला राज
इस पूरे मामले की शुरुआत 21 फरवरी 2026 को हुई, जब एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि फेसबुक पर विज्ञापन देखकर सामान खरीदने के चक्कर में उनके बैंक खाते से 56,650 रुपये निकाल लिए गए। जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से काम कर रहे थे और इसके बदले उन्हें बाकायदा वेतन भी मिलता था।
पुलिस की चेतावनी
गुरुग्राम पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर नजर आने वाले लुभावने ऑफर्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। फिलहाल, पुलिस बरामद किए गए मोबाइल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि अन्य वारदातों और गिरोह के शिकार हुए अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
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