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9 घंटे पहले
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रंगपुर में हुई दर्दनाक घटना
बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है, जहां एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव उनके ही घर के भीतर रहस्यमयी हालात में मिले हैं। मृतकों में परिवार के मुखिया, जो कि पेशे से एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक थे, उनकी पत्नी, उनकी युवा बेटी और उनका 12 वर्षीय बेटा शामिल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना शनिवार की रात करीब 11:30 बजे उस समय प्रकाश में आई, जब पुलिस ने दासपारा (मछुआपारा) स्थित बंद घर का दरवाजा तोड़ा और भीतर का भयावह नजारा देखा। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी नज़मुल कादर ने बताया कि मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में हुई है।
सेवानिवृत्त जीवन की शुरुआत और परिवार का विवरण
स्थानीय निवासियों और परिचितों के अनुसार, गणपति चक्रवर्ती ने पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्ति ली थी। उनकी बेटी आगामी ने हाल ही में अंग्रेजी विषय में मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी, जबकि उनका छोटा बेटा प्रियम कक्षा 5 का विद्यार्थी था। परिवार के साथ संपर्क कटने के कारण परिजन चिंतित थे। प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी अपनी बहन से अंतिम बार गुरुवार की दोपहर को फोन पर बातचीत हुई थी। खबरों के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्यों के फोन गुरुवार की रात से ही बंद आने लगे थे। पूजा ने बताया, जब गुरुवार से लगातार फोन बंद मिले, तो वे शनिवार की रात दासपारा स्थित उनके आवास पर पहुंचे। घर का मुख्य द्वार भीतर से बंद था और अंदर की बत्तियां भी बुझी हुई थीं। बाद में पुलिस की मौजूदगी में ताला तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया गया, तो वहां चार शव बरामद हुए।
परिजनों का बयान और मांग
घटना को लेकर परिजनों में गहरा सदमा है। प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा को इस बात की समझ नहीं आ रही है कि आखिर इतने अच्छे स्वभाव के परिवार के साथ ऐसा क्रूर कृत्य किसने किया। उन्होंने बताया कि गणपति चक्रवर्ती का किसी से कोई बैर नहीं था और वे एक बेहद सज्जन व्यक्ति थे। उन्होंने हाल ही में दासपारा में नया घर बनाया था और वहां शांति से रह रहे थे। गणपति की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने भी इस बात की पुष्टि की कि गुरुवार की दोपहर को उनकी अपने चाचा से अंतिम बार बात हुई थी। सोमा ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उनके चाचा होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर जो मंजर देखा गया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था और पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए।
जांच प्रक्रिया और फोरेंसिक साक्ष्य
फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और डिटेक्टिव ब्रांच की विशेष टीमें संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के प्रभारी सुबीर चौधरी ने शवों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां और बेटी के शव सीढ़ियों पर मिले, जबकि गणपति का शव घर की छत पर बरामद हुआ। सबसे छोटे सदस्य, यानी बेटे का शव बिस्तर के नीचे पाया गया। पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से बारीकी से साक्ष्य एकत्रित कर रहे हैं। वर्तमान में अधिकारी मौतों का सही समय, उनके पीछे की ठोस वजह और पूरी वारदात के घटनाक्रम का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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