व्यापार
एक घंटा पहले
3
विचारों
असम के ऊर्जा भविष्य के लिए एक नई शुरुआत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के धुबरी जिले के चापर में अडाणी पावर लिमिटेड के 3200 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी है। यह परियोजना न केवल असम की बिजली उत्पादन क्षमता को एक नई ऊंचाई देगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी। 48,000 करोड़ रुपये के इस बड़े निवेश प्रोजेक्ट के निर्माण काल के दौरान 20,000 लोगों को काम मिलेगा, वहीं प्लांट के पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद लगभग 5,000 लोगों को स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। इस भव्य कार्यक्रम में अडाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडाणी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कुल 63,000 करोड़ रुपये का निवेश
चापर में बन रहा यह थर्मल प्लांट असम में अडाणी ग्रुप द्वारा किए जा रहे 63,000 करोड़ रुपये के कुल बिजली क्षेत्र के निवेश का एक प्रमुख हिस्सा है। इन परियोजनाओं का काम दिसंबर 2030 से विभिन्न चरणों में शुरू किया जाएगा। यदि हम राज्य में अडाणी ग्रुप के अन्य क्षेत्रों में निवेश की बात करें, तो यह आंकड़ा 80,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच जाता है। आने वाले 3 से 4 वर्षों के भीतर इन प्रोजेक्ट्स से असम में बुनियादी ढांचे में सुधार, व्यापक रोजगार और नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्थानीय वेंडरों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और सेवा प्रदाताओं के लिए एक बड़ा इकोसिस्टम तैयार करेगा, जिससे स्थानीय व्यवसाय भी इस विकास यात्रा का हिस्सा बन सकेंगे।
ऊर्जा हब के रूप में असम का उदय
पावर प्लांट की आधारशिला रखने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि असम अब तेजी से भारत के ऊर्जा हब के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि कई बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। मुख्यमंत्री ने इसे 'एडवांटेज असम इन्वेस्टर समिट 2.0' का सीधा परिणाम बताया और कहा कि यह राज्य में अब तक के सबसे बड़े सिंगल इंवेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य के SGST राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी।
सस्ती और भरोसेमंद बिजली का वादा
इस अवसर पर जीत अडाणी ने कहा कि अडाणी पावर द्वारा किया जा रहा 48,000 करोड़ रुपये का यह निवेश असम के लिए एक नए अध्याय की तरह है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के घरों, उद्योगों और व्यवसायों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। जीत अडाणी के अनुसार, असम की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वह भविष्य में पूरे देश के लिए एक बैटरी के रूप में काम कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में 800 MW की 4 इकाइयां लगाई जाएंगी और इसमें आधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग होगा ताकि पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान हो।
अगले 10 साल में 1 लाख करोड़ का निवेश
जीत अडाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के विजन की सराहना करते हुए कहा कि असम आज निवेश के लिए भारत के सबसे बेहतरीन गंतव्यों में शुमार है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल 'राइजिंग नॉर्थईस्ट ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' के दौरान गौतम अडाणी ने वादा किया था कि ग्रुप अगले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसी क्रम में असम में लगभग 80,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ कार्य पहले ही धरातल पर उतर चुका है।
40,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
अडाणी ग्रुप का लक्ष्य स्पष्ट है कि असम के युवाओं को उनके घर के पास ही बेहतरीन करियर के अवसर दिए जाएं। जीत अडाणी ने बताया कि ग्रुप ने राज्य में पहले ही 4 से 5 जॉब ड्राइव आयोजित की हैं, जिनके जरिए 4,500 स्थानीय युवाओं को नौकरी मिल चुकी है। अडाणी ग्रुप के विभिन्न व्यवसायों के जरिए राज्य में कुल 40,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय अडाणी ग्रुप
इस बड़े निवेश में चापर प्लांट के 48,000 करोड़ रुपये के अलावा, अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के जरिए 2,700 MW क्षमता वाले 2 पंप स्टोरेज प्लांट के लिए 15,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसके अलावा अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड राज्य में स्मार्ट मीटरिंग पर काम कर रही है, जो वितरण प्रणाली को आधुनिक बना रहा है। एविएशन क्षेत्र में गुवाहाटी एयरपोर्ट का टर्मिनल 2, जो 22 फरवरी 2026 को चालू हुआ, इस विकास की कड़ी का ही एक हिस्सा है। अक्टूबर 2025 में अडाणी पावर इस 3200 MW प्लांट के लिए सफल बोलीदाता बनी थी और नवंबर 2025 में उसे एपीडीसीएल से आधिकारिक लेटर ऑफ अवार्ड प्राप्त हुआ था।
Comments
0 comment