उत्तर प्रदेश
एक महीने पहले
41
विचारों
वक्फ संपत्तियों में गड़बड़ी पर पूर्व मंत्री की चिंता
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा ने रविवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्डों में चल रहे बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। मोहसिन रज़ा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पंजीकृत वक्फ की संख्या घटकर मात्र 1,27,000 रह गई है, जबकि पूर्व के समय में यह आंकड़ा 2 लाख से भी ऊपर था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों यानी सपा, बसपा और कांग्रेस के कार्यकाल में वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से ऑडिट नहीं किया गया, जिससे लाखों संपत्तियों का कोई अता-पता नहीं है।
जांच और सुधार की तत्काल आवश्यकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का समर्थन करते हुए मोहसिन रज़ा ने कहा कि यह कदम वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि इन संपत्तियों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए निष्पक्ष जांच का रास्ता अपनाया जाए।
मुलाकात के दौरान उठे प्रमुख विषय
- पिछले कुछ वर्षों में सत्तर हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया या वे अचानक गायब हो गईं। यह करोड़ों रुपये के घोटाले की ओर इशारा करता है।
- लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, अयोध्या, बरेली, नोएडा, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, वाराणसी, अमरोहा, बिजनौर और आज़मगढ़ जैसे जिलों में इन संपत्तियों पर अवैध कब्जे और इनके व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें सामने आई हैं।
- धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए दी गई इन संपत्तियों का मूल उद्देश्य भटक गया है, जिसके चलते इनका लाभ असली जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है।
मोहसिन रज़ा की मुख्यमंत्री से प्रमुख मांगें
- शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की सभी संपत्तियों की गहन जांच के लिए जनपदवार एसआईटी (SIT) का गठन किया जाए।
- प्रत्येक जिले में विशेष ऑडिट कराया जाए और भौतिक निरीक्षण के जरिए अभिलेखों का मिलान करके संपत्तियों की एक प्रामाणिक सूची तैयार की जाए।
- जिन संपत्तियों में फर्जीवाड़ा, अवैध लीज, नामांतरण में हेरफेर या अवैध कब्जे पाए जाएं, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और संपत्तियों को वापस हासिल किया जाए।
- वक्फ बाय यूजर से संबंधित सभी विवादों का निपटारा किया जाए।
- मामले में शामिल दोषी व्यक्तियों, मुतवल्लियों, प्रभावशाली लोगों या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त समूहों की पारदर्शी जांच हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- अवैध कब्जों से मुक्त कराकर इन संपत्तियों का विकास सुनिश्चित किया जाए ताकि अल्पसंख्यक समाज के गरीब और पिछड़े वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल सके।
- राज्य स्तर पर जनपदवार समितियां बनाकर सख्त निगरानी और वसूली अभियान चलाया जाए ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
मोहसिन रज़ा ने सीएम योगी की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहित और विषय की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द उच्चस्तरीय जांच शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री इस मामले में तत्काल संज्ञान लेंगे और प्रदेश की बहुमूल्य वक्फ संपत्तियों को बचाने के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
Comments
0 comment