मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 77 वर्ष की आयु में निधन मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 2
भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और उज्जैन उत्तर से छह बार विधायक रहे पारस चंद्र जैन का सोमवार, 3 अगस्त को इंदौर में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

मध्यप्रदेश की राजनीति को बड़ी क्षति

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बड़ा नाम रहे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस चंद्र जैन का निधन हो गया है। 77 वर्ष की उम्र में उन्होंने सोमवार, 3 अगस्त को इंदौर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। पारस जैन के निधन की खबर से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से परेशान थे, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए इंदौर ले जाया गया था।

स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और अंतिम क्षण

पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पारस जैन कुछ समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। चिकित्सीय जांच में उनके फेफड़ों में पानी भरने की समस्या सामने आई थी। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए इंदौर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अपने राजनीतिक जीवन में 'पहलवान' नेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखने वाले जैन अब हमारे बीच नहीं रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया गहरा दुख

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पारस जैन के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक पारस चंद्र जैन के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।

सक्रिय राजनीतिक सफर और कैबिनेट में जिम्मेदारी

पारस जैन ने मध्यप्रदेश की राजनीति में एक लंबा सफर तय किया। वे वर्ष 2005 से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के तीन अलग-अलग कार्यकालों के दौरान कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विभागों का कुशल संचालन किया, जिनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, वन, ऊर्जा, तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग शामिल रहे। वे साल 2018 तक मंत्री पद की जिम्मेदारियों को संभालते रहे।

उज्जैन उत्तर की जनता के बीच लोकप्रियता

पारस जैन का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कुल छह बार जीत दर्ज की। वे 1990, 1993, 2003, 2008, 2013 और 2018 के चुनावों में विधायक चुने गए। तमाम ऊंचे पदों पर रहने के बावजूद, वे अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उज्जैन की सड़कों पर स्कूटर से आम लोगों के बीच पहुंचना और अपने मित्रों से मिलना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था। हालांकि, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिल सका था। उनके परिवार में अब उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को उज्जैन में संपन्न किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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