दिल्ली
2 महीने पहले
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भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच यानी एसीबी ने स्वास्थ्य विभाग में हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसीबी ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय यानी डीजीएचएस की पूर्व महानिदेशक डॉ. वत्सला अग्रवाल को गुरुवार को अपनी हिरासत में ले लिया है। इस गिरफ्तारी को विभाग में हुए अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार
जांच एजेंसी ने केवल डॉ. वत्सला अग्रवाल को ही नहीं, बल्कि इस मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को भी दबोचा है। एसीबी ने डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले, इस कथित घोटाले की कड़ियों को जोड़ते हुए एसीबी ने डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया था। डॉ. रंगा को रिमांड पर लेकर एजेंसी ने विस्तार से पूछताछ की है।
क्या है करोड़ों का यह घोटाला
यह मामला मुख्य रूप से अस्पतालों में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल सामानों की खरीद में की गई वित्तीय धांधली से जुड़ा है। आरोप है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी के जरिए कई सौ करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां की गई हैं। गौरतलब है कि यह सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी सीधे तौर पर डीजीएचएस के अधीन काम करती है। एसीबी फिलहाल इन सभी वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध खरीद प्रक्रियाओं और इसमें शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
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