खंडवा में वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, अतिक्रमण हटाने गए 8 कर्मचारी घायल मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 75
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में 8 वनकर्मी घायल हो गए हैं और विभाग की ओर से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

वन भूमि खाली कराने पहुंची टीम पर भीड़ का हमला

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की गुड़ी फॉरेस्ट रेंज एक बार फिर गंभीर विवाद और हिंसा के चलते चर्चा में है। ताजा मामला आमाखुजरी क्षेत्र का है, जहां वन विभाग की टीम संरक्षित वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। जैसे ही वन अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई शुरू की, वहां पहले से मौजूद अतिक्रमणकारियों और वनकर्मियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ ने वन विभाग के कर्मचारियों पर शारीरिक हमला कर दिया। इस दौरान हाथापाई हुई और उपद्रवियों ने वनकर्मियों की वर्दी तक फाड़ दी।

गोफन और पत्थरों से की गई मारपीट

अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब मौके पर मौजूद भीड़ ने वन विभाग की टीम पर गोफन और पत्थरों से जोरदार हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में कुल 8 वनकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने कई हेक्टेयर के आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करके उस जमीन को कृषि योग्य बना लिया था। वन विभाग की टीम इसी अवैध कब्जे को हटाने के उद्देश्य से वहां तैनात थी, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के भारी विरोध और हमले का सामना करना पड़ा।

वनकर्मी का वायरल वीडियो और प्रशासन की कार्यप्रणाली

इस पूरी घटना का दर्द एक वनकर्मी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वनकर्मी अत्यंत भावुक और व्यथित दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के माध्यम से उन्होंने अपना दुख जाहिर करते हुए कहा कि मात्र 20 हजार रुपये की नौकरी के लिए उन्हें हर दिन अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें प्रशासन और पुलिस विभाग से उचित सहयोग नहीं मिलता है, तो आने वाले समय में जंगलों को बचाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि वनकर्मी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और हमलावर उन पर लगातार हमला कर रहे हैं।

सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस घटना ने वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा और आरक्षित वन क्षेत्रों पर हो रहे लगातार अतिक्रमण पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरा मामला जांच के दायरे में है और उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर नकेल कसी जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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