खेल
2 महीने पहले
85
विचारों
FIFA विश्व कप 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में खेले गए एक बेहद ही रोमांचक और कड़े मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए अल्जीरिया को 2-0 से शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही स्विस टीम ने राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पूरी तरह से पक्की कर ली है।
इस मुकाबले में स्विट्जरलैंड की तरफ से स्टार खिलाड़ी ब्रिल एम्बोलो और डैन एनदोये ने अपनी टीम के लिए एक-एक शानदार गोल दागे। दूसरी तरफ, अल्जीरिया की फॉरवर्ड लाइन स्विस डिफेंस के सामने पूरी तरह बेअसर नजर आई और टीम पूरे मैच के दौरान एक भी गोल करने में कामयाब नहीं हो सकी।
अगली चुनौती और वैंकूवर का सफर
अल्जीरिया पर इस शानदार जीत को दर्ज करने के बाद अब स्विट्जरलैंड की नजरें अपने अगले मुकाबले पर टिकी हुई हैं। राउंड ऑफ 16 के इस महत्वपूर्ण मैच में स्विट्जरलैंड का मुकाबला कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। फुटबॉल प्रेमियों को इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है। राउंड ऑफ 16 का यह बड़ा मुकाबला अगले मंगलवार को वैंकूवर में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
स्विस टीम का इतिहास और नॉकआउट का सूखा
स्विट्जरलैंड के लिए यह जीत ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। अगर इतिहास पर नजर डालें, तो स्विस टीम ने साल 1938 में फ्रांस की मेजबानी में खेले गए विश्व कप के बाद से नॉकआउट चरण का कोई भी मुकाबला नहीं जीता है। हालांकि, साल 1954 में घरेलू मैदान पर खेलते हुए टीम ने प्लेऑफ मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल का टिकट जरूर हासिल किया था। पिछले प्रदर्शन की बात करें तो स्विट्जरलैंड की टीम लगातार पिछले तीन विश्व कप में राउंड ऑफ 16 में पहुंचने में तो कामयाब रही थी, लेकिन वह इस बाधा को पार करके आगे बढ़ने में हर बार नाकाम रही थी।
वहीं दूसरी ओर, अल्जीरियाई टीम के लिए भी यह सफर बेहद खास रहा। अल्जीरिया की टीम साल 2014 के बाद पहली बार FIFA विश्व कप के इस भव्य मंच पर हिस्सा ले रही थी। साल 2014 के विश्व कप में अल्जीरिया की टीम नॉकआउट दौर तक पहुंचने में सफल रही थी, लेकिन तब उसे जर्मनी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
स्विस कोच मूरत याकिन ने जताई खुशी
इस शानदार जीत के बाद स्विट्जरलैंड के मुख्य कोच मूरत याकिन ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर गहरी खुशी व्यक्त की है। उन्होंने मैच के बाद कहा:
"मुकाबले में बिल्कुल सही समय पर गोल दागना हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण साबित हुआ। पहले हाफ में मिला वह गोल हमारे लिए एक भाग्यशाली पंच की तरह था, लेकिन उस शुरुआती सफलता के बाद मुझे लगता है कि मैदान पर पूरी तरह से हमारा ही दबदबा रहा। मैं अपनी टीम के इस समग्र प्रदर्शन से वास्तव में बेहद खुश हूं, क्योंकि हमारा मुकाबला कुछ बहुत ही मजबूत और व्यक्तिगत रूप से सक्षम खिलाड़ियों के खिलाफ था।"
हार से निराश अल्जीरियाई कोच ने क्या कहा?
दूसरी तरफ, इस करारी हार के बाद अल्जीरिया के मुख्य कोच व्लादिमीर पेटकोविच ने निराशा जाहिर करते हुए विपक्षी टीम को बधाई दी। उन्होंने मैच का विश्लेषण करते हुए कहा:
"मेरा मानना है कि विपक्षी टीम द्वारा दागा गया दूसरा गोल इस मुकाबले में निर्णायक साबित हुआ। मैच के पहले हाफ में हमारी टीम ने वाकई बहुत ही उम्दा खेल दिखाया था। इस दौरान हमारे पास गोल करने के कई शानदार मौके आए थे, लेकिन दुर्भाग्य से हम उन्हें गोल में तब्दील करने से चूक गए। मैच के शुरुआती 12 मिनट के बाद ही उन्होंने पहला गोल कर दिया और हम वास्तव में उस झटके से समय रहते उबर नहीं पाए। मुझे स्विट्जरलैंड की टीम को बधाई देनी होगी, उन्होंने आज एक बेहतरीन मैच खेला है।"
पेटकोविच ने अपनी टीम की इस पूरी यात्रा पर संतोष व्यक्त करते हुए आगे कहा:
"लगभग 12 सालों के लंबे अंतराल के बाद इस तरह की विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में वापसी करना ही अपने आप में हमारे लिए एक बहुत बड़ी सफलता है। इसके अलावा, हमारे फुटबॉल इतिहास में केवल दूसरी बार ग्रुप स्टेज की बाधा को पार करके आगे बढ़ना भी एक उत्कृष्ट और सराहनीय परिणाम है।"
Comments
0 comment