फीफा वर्ल्ड कप में जर्मनी की शर्मनाक हार, पेनल्टी लेने से चार बड़े खिलाड़ियों का इनकार खेल 2 महीने पहले 81
फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में जर्मनी की पराग्वे के हाथों हार के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पेनल्टी शूटआउट के दौरान टीम के चार अनुभवी खिलाड़ियों ने शॉट लेने से साफ मना कर दिया था, जिसके बाद जोनाथन ताह को जिम्मेदारी लेनी पड़ी।

हार के बाद टीम के अंदर का सच आया सामने

फीफा वर्ल्ड कप में जर्मनी का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हुआ है। पराग्वे के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में मिली हार ने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। इस मैच में जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट के दौरान 3-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस हार के बाद अब एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने फुटबॉल जगत में सनसनी फैला दी है।

पेनल्टी शूटआउट में खिलाड़ियों की हिचकिचाहट

जर्मन समाचार पत्र बिल्ड में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जब मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा और स्कोर 3-3 की बराबरी पर था, तब जर्मनी की टीम पर भारी दबाव था। छठी पेनल्टी लेने के समय टीम के भीतर अफरा-तफरी का माहौल था। बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर जर्मनी के चार मुख्य खिलाड़ियों ने शॉट लेने से साफ इनकार कर दिया था। इन खिलाड़ियों के पीछे हटने के कारण जोनाथन ताह को आगे आना पड़ा, जो कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली पेनल्टी थी। अनुभव की कमी के चलते ताह का शॉट गोल पोस्ट से काफी दूर निकल गया और जर्मनी की हार तय हो गई।

कौन से खिलाड़ियों ने दिखाई अनिच्छा

इस पूरे घटनाक्रम में जिन चार खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं, वे पेनल्टी लेने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार नहीं महसूस कर रहे थे। इन खिलाड़ियों में लियोन गोरेट्ज़का, वाल्डेमार एंटोन, नाथानिएल ब्राउन और मलिक थियाउ शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि कप्तान जोशुआ किमिख ने अनुभवी खिलाड़ी लियोन गोरेट्ज़का से दो बार पेनल्टी लेने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया। गोरेट्ज़का टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, ऐसे में उनका पीछे हटना टीम के मनोबल पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

विवादित VAR फैसला और मैच का हाल

यह मुकाबला केवल पेनल्टी की चूक के लिए ही नहीं, बल्कि वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR के विवादास्पद फैसलों के लिए भी याद रखा जाएगा। एक्स्ट्रा टाइम के दौरान जोनाथन ताह का एक शानदार हेडर गोल में बदल सकता था, लेकिन VAR ने उसे खारिज कर दिया। इस फैसले को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच अभी भी बहस चल रही है। मैच का निर्धारित समय 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ था, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट ने परिणाम तय किया।

टूर्नामेंट में जर्मनी का सफर

जर्मनी ने वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत काफी शानदार अंदाज में की थी। टीम ने अपने पहले मुकाबले में कुरासाओ को 7-1 के बड़े अंतर से मात दी थी। इसके बाद दूसरे ग्रुप मैच में उन्हें आइवरी कोस्ट के खिलाफ जीत के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। जूलियन नागेल्समान के मार्गदर्शन में खेल रही जर्मन टीम अपनी पिछली गलतियों से सबक नहीं ले पाई और ग्रुप ई के आखिरी मैच में इक्वाडोर से 1-2 से हार गई।

लगातार तीसरी बार असफलता

इस हार के साथ ही जर्मनी के लिए एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 तक का सफर तय करने में भी नाकाम रही है। इस पेनल्टी शूटआउट के दौरान काई हैवर्ट्ज़, निक वोल्टेमाडे और जोनाथन ताह की चूक ने जर्मनी के विश्व कप जीतने के सपनों को पूरी तरह से तोड़ दिया। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास खोना और जिम्मेदारी लेने से कतराना इस हार का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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