फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्रिस्टियानो रोनाल्डो रहे बेअसर, कोलंबिया ने पुर्तगाल को रोककर ग्रुप में किया टॉप खेल 2 महीने पहले 85
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप के मुकाबले में कोलंबिया और पुर्तगाल के बीच मैच बराबरी पर छूटा, जिसके बाद कोलंबिया ग्रुप तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। पुर्तगाल की टीम अब अगले दौर में क्रोएशिया का सामना करेगी।

फीफा वर्ल्ड कप में पुर्तगाल की निराशाजनक शाम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल की टीम से जिस शानदार प्रदर्शन की उम्मीद उनके प्रशंसक कर रहे थे, वह कोलंबिया के खिलाफ मैच में कहीं नजर नहीं आया। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन मैच का अंत 0-0 की बराबरी पर हुआ। इस परिणाम के साथ ही कोलंबिया ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है, जबकि पुर्तगाल को दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा।

मैदान पर रोनाल्डो का फीका प्रदर्शन

कुछ दिन पहले ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने छह अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने का ऐतिहासिक कारनामा कर दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने कैमरे के सामने चिल्लाकर अपनी वापसी का ऐलान किया था, लेकिन शनिवार की रात मियामी के मैदान पर स्थिति पूरी तरह अलग थी। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में रोनाल्डो न तो कोई गोल कर सके और न ही कोई जादुई पल बना पाए। वे ज्यादातर समय मैदान पर अपने साथियों को निर्देश देते हुए और खाली जगहों की ओर इशारा करते हुए दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था मानो पुर्तगाल के खिलाड़ी यह भूल गए हों कि उनके स्टार स्ट्राइकर कोलंबिया के पेनल्टी बॉक्स में मौजूद हैं और उन्हें गेंद की सप्लाई की जरूरत है।

ग्रुप K का समीकरण और आगामी मुकाबला

ग्रुप K के इस निर्णायक मैच के बाद अब टीमों का अगला सफर तय हो गया है। कोलंबिया ने अपने बेहतरीन खेल के दम पर ग्रुप में पहला स्थान सुरक्षित कर लिया है और अब उनका अगला मुकाबला घाना के खिलाफ होगा। दूसरी तरफ, पुर्तगाल ग्रुप में दूसरे नंबर पर रही और अब राउंड ऑफ 32 में उनका सामना क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम से होगा। इसके अलावा, एक अन्य मैच में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। कांगो 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के लास्ट-32 में पहुंचा है, जहां उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा।

पुर्तगाल की टीम के सामने खड़े हुए बड़े सवाल

इस मैच का परिणाम पुर्तगाल की टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। टूर्नामेंट में पहली बार पुर्तगाल को किसी बड़ी और टॉप लेवल की टीम के खिलाफ चुनौती मिली थी, जिसमें वे लड़खड़ाते दिखे। हालांकि स्कोरलाइन 0-0 रही, लेकिन सच्चाई यह है कि पुर्तगाल इस हार से बच गया। इसका पूरा श्रेय उनके गोलकीपर डिओगो कोस्टा को जाता है, जिन्होंने इस टूर्नामेंट की अब तक की सबसे शानदार गोलकीपिंग का प्रदर्शन किया। कोलंबिया के फॉरवर्ड खिलाड़ी बार-बार गोल करने के करीब पहुंचे लेकिन सटीक निशाना लगाने में चूक गए।

टीम में तालमेल की भारी कमी

कागज पर पुर्तगाल की टीम इस पूरे टूर्नामेंट की सबसे संतुलित और दमदार यूनिट मानी जा रही है। उनके पास ब्रूनो फर्नांडिस जैसा क्रिएटिव मिडफील्डर है, विटिन्हा जैसे खिलाड़ी हैं जो गेम का टेम्पो आसानी से नियंत्रित करते हैं, और रुबेन नेवेस जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद हैं। जोआओ नेवेस को भी दुनिया के उभरते हुए सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में गिना जाता है। इन सबके बावजूद, मैदान पर यह पूरी टीम एक इकाई के रूप में खेलते हुए नजर नहीं आई। ऐसा लग रहा था जैसे वे पहली बार एक साथ खेल रहे हों। पिछले मैच में पुर्तगाल ने रोनाल्डो की ताकत का सही उपयोग किया था और विंग्स से लगातार हमले किए थे, लेकिन कोलंबिया के खिलाफ वह योजना पूरी तरह नदारद रही। रोनाल्डो को केवल खराब एंगल से ही गेंदें मिलीं और वे गोल करने के बजाय ज्यादातर समय गेंद के लिए संघर्ष करते दिखे।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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