Bhanu Saptami Upay: रवि और सप्तमी का दुर्लभ संयोग, सूर्य देव की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष उपाय धर्म 4 महीने पहले 139
रविवार और भानु सप्तमी का शुभ संयोग सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यंत प्रभावशाली है, जानिए आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा बताए गए अचूक उपाय।

Bhanu Saptami का महत्व

रविवार के दिन पड़ने वाली भानु सप्तमी सूर्य उपासना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि और रविवार दोनों का स्वामी सूर्य देव को माना गया है, इसलिए इस दिन किए गए उपाय जीवन में सुख और समृद्धि लाते हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन किन खास उपायों को अपनाकर आप सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

जीवन को बेहतर बनाने के लिए अचूक उपाय

  • स्वास्थ्य के लिए: यदि बदलते मौसम के साथ आपको अक्सर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होती हैं, तो रविवार के दिन सूर्य भगवान को जल का अर्घ्य दें।
  • सफलता बनाए रखने के लिए: करियर की गति को निरंतर रखने हेतु घर की पूर्व दिशा में सात घोड़ों वाले सूर्य देव के रथ की तस्वीर लगाएं और धूप दिखाएं।
  • आलस्य दूर करने के लिए: यदि आलस्य के कारण काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं, तो इस दिन सूर्य देव के निमित्त व्रत रखें और एक समय बिना नमक का भोजन करें।
  • आंखों की समस्या के लिए: आंखों से जुड़ी परेशानियों से राहत पाने के लिए आसन पर बैठकर आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करें।
  • नौकरी की सुरक्षा हेतु: काम में आ रही रुकावटों या नौकरी के डर को दूर करने के लिए 108 बार 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' मंत्र का जप करें।
  • व्यापार में उन्नति के लिए: रत्न या आभूषण के व्यवसाय में लाभ के लिए गंगाजल मिश्रित जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • आर्थिक तंगी से मुक्ति: पैसों की समस्याओं को दूर करने के लिए चींटियों के बिल में आटा डालें, विशेषकर लाल या भूरी चींटियों के लिए यह उत्तम है।
  • जीवन में नई ऊर्जा के लिए: जीवन में उत्साह और उमंग भरने के लिए 108 बार 'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।
  • बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए: बच्चों के सुखद जीवन की कामना करते हुए मंदिर में जाकर गुड़ और बाजरा दान करें।
  • कारोबार में तरक्की के लिए: कारोबार में सफलता के लिए एक नया लाल रंग का कपड़ा अपने ताऊ या चाचा को भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें।
  • भविष्य की सफलता के लिए: भविष्य में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए नीम के पेड़ को प्रणाम करें और उसकी जड़ में जल अर्पित करें। ध्यान रहे कि रविवार के दिन नीम के पेड़ को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं।
मीरा शर्मा पाबना की धर्म एवं संस्कृति लेखिका हैं, जो त्योहार, धर्म, ज्योतिष और परंपराओं पर लिखती हैं। व्रत-त्योहारों के महत्व, पूजा विधि और आस्था से जुड़े विषयों को वे श्रद्धा और जानकारी के साथ पेश करती हैं। वाराणसी से उनका जुड़ाव उनके लेखन में झलकता है।

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