ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: दो दुर्लभ योगों का अद्भुत संयोग, जीवन में सुख-समृद्धि के लिए करें ये विशेष उपाय धर्म एक घंटा पहले 2
इस वर्ष 29 जून 2026 को मनाई जाने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद खास है क्योंकि इस दिन शुभ योग और मूल नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस लेख में जानिए धन-संपत्ति और मानसिक शांति पाने के लिए किए जाने वाले अचूक उपाय।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस साल की पूर्णिमा तिथि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन शुभ योग के साथ मूल नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अति उत्तम बनाता है।

चंद्र देव को अर्घ्य और मानसिक शांति

पूर्णिमा का दिन सीधे तौर पर चंद्रमा से जुड़ा होता है। यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है या आप मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो इस दिन विशेष उपाय करें। रात के समय चंद्रोदय के उपरांत एक पात्र में शुद्ध जल लें और उसमें थोड़ा दूध, सफेद फूल और अक्षत मिलाएं। अब इस मिश्रण से चंद्रमा को अर्घ्य दें। यह सरल उपाय न केवल चंद्र दोष को दूर करता है, बल्कि चंद्रमा की स्थिति को कुंडली में मजबूत भी बनाता है, जिससे मन शांत रहता है।

भगवान शिव की विशेष पूजा

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन देवाधिदेव महादेव की पूजा करना बहुत फलदायी होता है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। पूजन के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र और मौसमी फल अर्पित करना उत्तम माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में चल रही तमाम बड़ी मुसीबतें और बाधाएं शीघ्र समाप्त हो जाती हैं और व्यक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए

आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने और घर में बरकत लाने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। इस दिन देवी लक्ष्मी को सफेद खीर और मिश्री का भोग लगाना बेहद शुभ माना गया है। यह उपाय धन-धान्य में वृद्धि करता है और पारिवारिक आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाता है।

नकारात्मकता दूर करने के उपाय

घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए मुख्य द्वार की सफाई का विशेष ध्यान रखें। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सुबह और शाम दोनों समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। माना जाता है कि इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है।

दान-पुण्य का महात्म्य

पूर्णिमा पर जरूरतमंदों और गरीबों को अन्न, धन या वस्त्र का दान करना पुण्य की प्राप्ति कराता है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा को सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल, चीनी और चांदी का दान करना चाहिए, जो जीवन में संतुलन लाने में सहायक होता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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