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एक घंटा पहले
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रूस दौरे पर काश पटेल की संभावित योजना
पोलिटिको की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बीच FBI डायरेक्टर काश पटेल रूस की यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि काश पटेल अक्टूबर के मध्य में इस दौरे पर जा सकते हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के प्रमुख की इस संभावित यात्रा को सुरक्षा और कूटनीति के लिहाज से बेहद असामान्य और संवेदनशील माना जा रहा है।
रूस से जुड़ा विवादों का पुराना नाता
काश पटेल का नाम पहले भी रूस से जुड़ी विभिन्न विवादास्पद स्थितियों में सामने आता रहा है, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हुई थी। उन पर आरोप रहे हैं कि उन्होंने उन जांचों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे, जिनका उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या वर्ष 2016 के चुनावों में जीत के लिए ट्रंप की रूस के साथ कोई मिलीभगत थी। पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, काश पटेल की ओर से की जा रही इन हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर अमेरिकी कांग्रेस भी काफी सतर्क है और उन पर कड़ी नजर रखे हुए है।
रूसी विशेषज्ञों और मीडिया की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर रूस के सरकारी समाचार पत्र मोस्कोव्स्की कोम्सोमोलेट्स ने अपनी राय व्यक्त की है। अखबार का मानना है कि यदि FBI डायरेक्टर किसी प्रकार की मदद के लिए रूस आ रहे हैं, तो उन्हें अपने साथ कोई ठोस और स्पष्ट प्रस्ताव लेकर आना चाहिए। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के अर्बातोव इंस्टीट्यूट फॉर US एंड कैनेडियन स्टडीज़ से जुड़े व्लादिमीर वासिलीव ने कहा कि संभव है कि रूस के पास डेमोक्रेट्स से जुड़ी ऐसी जानकारियां हों जो उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि रूस इन जानकारियों को अमेरिकी पक्ष के सामने रख सकता है। व्लादिमीर वासिलीव के संबंध रशियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल के साथ हैं, जिसके बोर्ड के अध्यक्ष खुद रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव हैं। वासिलीव के अनुसार, दोनों देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान आपसी सौदेबाजी पर आधारित हो सकता है, जहां रूस पूछ सकता है कि बदले में उसे क्या मिलेगा।
मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग का दौरा
अमेरिकी अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर पुष्टि हुई है कि काश पटेल 14 और 15 अक्टूबर को रूस की यात्रा पर होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वे मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे। इस दौरे के दौरान काश पटेल की मेजबानी FSB द्वारा की जाने की उम्मीद है। यह वही एजेंसी है जो सोवियत-युग की KGB का स्थान लेने वाली रूस की मुख्य सुरक्षा संस्था है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस यात्रा में काश पटेल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन या क्रेमलिन के किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात करेंगे या नहीं, क्योंकि इस दौरे के आधिकारिक एजेंडे का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
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