हरियाणा पुलिस की शर्मनाक करतूत: अपने ही विभाग के रिटायर्ड कर्मी से 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ थाना प्रभारी हरियाणा 3 महीने पहले 129
हरियाणा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चांदहट थाना प्रभारी होशियार सिंह को एक सेवानिवृत्त सहायक उप-निरीक्षक से 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

हरियाणा पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सेवारत थाना प्रभारी ने अपने ही विभाग के एक पूर्व सहयोगी से रिश्वत की मांग कर डाली। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पलवल जिले के चांदहट थाने में तैनात प्रभारी होशियार सिंह को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस विभाग के ही एक सेवानिवृत्त अधिकारी की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी थाना प्रभारी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी थाना प्रभारी होशियार सिंह को रंगे हाथों दबोचा। यह कार्रवाई पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। विजिलेंस और एसीबी की संयुक्त टीम ने आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया जब वह रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहा था। इस कार्रवाई के संबंध में फरीदाबाद में एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है। पुलिस विभाग से ही सेवानिवृत्त हुए शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग को इसकी जानकारी देकर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया।

हनी ट्रैप मामले में समझौते के नाम पर मांगी रिश्वत

यह पूरा मामला साल 2023 से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता, जो हरियाणा पुलिस से सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्होंने इस मामले की पूरी कहानी बयां की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, साल 2023 में पलवल के कैंप थाने में हनी ट्रैप का एक मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में शिकायतकर्ता खुद वर्तमान आरोपी ईएसआई होशियार सिंह ही थे। मामले की जांच के दौरान सह-आरोपियों के बयानों और खुलासे के आधार पर रिटायर्ड एएसआई का नाम भी इस मामले में शामिल कर लिया गया था। हालांकि, सेवानिवृत्त अधिकारी को इस मामले में माननीय अदालत से पहले ही जमानत मिल चुकी है।

आरोप है कि थाना प्रभारी होशियार सिंह इस मामले को रफा-दफा करने और आपस में समझौता कराने के नाम पर रिटायर्ड एएसआई पर लगातार दबाव बना रहे थे। इसके एवज में उन्होंने ₹2 लाख की मोटी रकम की मांग की थी। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार के आगे झुकने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से करने का फैसला किया।

कानूनी प्रक्रियाओं का पालन और आगे की जांच

शिकायतकर्ता से मिली जानकारी और शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सतर्कता ब्यूरो ने एक गुप्त योजना तैयार की। टीम ने रंगे हाथों आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और जैसे ही होशियार सिंह ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, ब्यूरो की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 105 के अंतर्गत निर्धारित सभी आवश्यक और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन किया गया है ताकि मामले में कोई कानूनी कमी न रह जाए। फिलहाल, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता से सहयोग की अपील

इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या पुलिसकर्मी किसी भी सरकारी काम को करने के बदले में रिश्वत या किसी अन्य तरह के लाभ की मांग करता है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिकायत दर्ज कराने के लिए विभाग ने निम्नलिखित माध्यम उपलब्ध कराए हैं:

  • ब्यूरो का टोल-फ्री नंबर: 1800-180-2022
  • हेल्पलाइन नंबर: 1064

सतर्कता ब्यूरो ने जनता को यह भी आश्वस्त किया है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है। इसके साथ ही, प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत पर पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और त्वरित गति से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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