कभी कब्रिस्तान था फरीदाबाद का यह इलाका, जहां जाने से डरते थे लोग, अब बना कल्पना चावला सिटी पार्क हरियाणा एक महीने पहले 34
फरीदाबाद का मशहूर कल्पना चावला सिटी पार्क कभी कब्रिस्तान हुआ करता था, जहां लोग जाने से कतराते थे। साल 1987 में इसे पार्क के रूप में विकसित किया गया और आज यह सैर-सपाटे का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

फरीदाबाद का मशहूर कल्पना चावला सिटी पार्क आज शहरवासियों के लिए सुकून और मेलजोल का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह हरा-भरा पार्क कभी एक कब्रिस्तान हुआ करता था, जहां जाने से लोग कतराया करते थे।

कभी डरावनी जगह थी, आज सैर का केंद्र

आज इस पार्क में हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सैर करने, कुछ पल आराम करने और एक-दूसरे से मिलने-जुलने के लिए यह जगह लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। शहर के शोरगुल के बीच कुछ शांत लम्हे बिताने के लिए लोग यहां खिंचे चले आते हैं।

पहले चारों तरफ थीं कब्रें

पीजीटी केमिस्ट्री के शिक्षक अमित किशोर वशिष्ठ ने लोकल 18 को बताया कि यह जगह पहले कब्रिस्तान हुआ करती थी। उनके मुताबिक यहां चारों तरफ कब्रें ही कब्रें फैली हुई थीं, जिसकी वजह से आम लोग इस ओर आने से बचते थे।

1987 में बना पार्क

साल 1987 में इस इलाके को पार्क के रूप में विकसित किया गया। समय के साथ इसका स्वरूप पूरी तरह बदल गया और बाद में इसका नाम कल्पना चावला सिटी पार्क रखा गया। कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं, जिनके नाम पर इस पार्क की पहचान बनी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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