फरीदाबाद के पांशुल बंसल ने NEET UG 2026 में किया कमाल, हासिल की दूसरी ऑल इंडिया रैंक हरियाणा एक महीने पहले 46
फरीदाबाद के रहने वाले 18 वर्षीय पांशुल बंसल ने नीट यूजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त कर देश भर में नाम रोशन किया है, जिन्होंने 720 में से 715 अंक हासिल कर अपनी मेहनत को सफलता में बदला है।

सफलता का नया कीर्तिमान

मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम हमेशा मीठा होता है, जिसे फरीदाबाद के 18 वर्षीय पांशुल बंसल ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर सच कर दिखाया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी किए गए परिणामों में पांशुल ने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे शहर का मान बढ़ाया है। पांशुल ने कुल 720 अंकों में से 715 अंक प्राप्त किए और 99.9999 पर्सेंटाइल स्कोर के साथ शीर्ष छात्रों की सूची में अपना स्थान सुरक्षित किया। जैसे ही परिणाम घोषित हुए, पांशुल के घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

तैयारी की अनोखी रणनीति

अपनी सफलता के सफर के बारे में साझा करते हुए पांशुल बताते हैं कि उन्होंने दसवीं कक्षा से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। पांशुल के अनुसार, उन्होंने अपनी पढ़ाई को पूरी गंभीरता से लिया और 11वीं कक्षा में आने के बाद दिल्ली में कोचिंग लेना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने स्कूली पाठ्यक्रम के साथ-साथ कोचिंग की पढ़ाई के बीच तालमेल बिठाते हुए रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे का समय पढ़ाई के लिए निर्धारित किया था। जरूरत पड़ने पर वे इसे 10 घंटे तक भी खींच लेते थे। पांशुल का मानना है कि सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने में कोई बुराई नहीं है, बशर्ते आपका लक्ष्य स्पष्ट हो। री-एग्जाम के दौरान उन्होंने फिजिक्स के कुछ जटिल और लंबे सवालों का सामना किया, लेकिन अपनी निरंतर तैयारी के दम पर वे हर बाधा को पार करने में सफल रहे।

परिणाम की रोमांचक रात

रिजल्ट वाले दिन को याद करते हुए पांशुल ने बताया कि रात के करीब 10:30 बजे उन्हें नीट परिणाम के आने की सूचना मिली। जैसे ही उन्होंने अपना लैपटॉप खोलकर स्कोरकार्ड चेक किया, ऑल इंडिया रैंक-2 देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह पल उनके लिए वर्षों की मेहनत का प्रतिफल था। पांशुल एक संयुक्त परिवार में रहते हैं, जहाँ उनके माता-पिता, दादा-दादी और चचेरी बहनें उनके साथ हैं। उन्हें इस पूरे सफर में परिवार का भरपूर सहयोग और उत्साह मिला।

परिवार के लिए गर्व का क्षण

पांशुल की दादी ऊषा बंसल ने बताया कि वे तो रात में सो गई थीं, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनके पोते ने देश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है, तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई। पांशुल को घर का बना खाना, विशेषकर दाल-चावल काफी पसंद है और परिवार उनकी छोटी-छोटी खुशियों का हमेशा ध्यान रखता है। उनके दादा विश्व देव बंसल ने कहा कि पांशुल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है और फरीदाबाद में जन्म लेने के बाद से ही उसने अपनी योग्यता को साबित करना शुरू कर दिया था। पांशुल के पिता संजीव बंसल, जो कि एक व्यवसायी हैं, का कहना है कि उनका इकलौता बेटा शुरू से ही लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा है। उनकी मां मोनिका बंसल भी बेटे की इस उपलब्धि से बेहद गौरवान्वित हैं और मानती हैं कि ईमानदारी से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

शिक्षक का नजरिया

पांशुल के गुरु मुनीश मित्तल के अनुसार, पांशुल में सीखने की अद्भुत क्षमता है। वे बताते हैं कि पांशुल 10वीं कक्षा से उनके मार्गदर्शन में था और उसने 10वीं में ही 11वीं का और 11वीं में ही 12वीं का पाठ्यक्रम पूरा कर लिया था। उसने अपनी तैयारी के दौरान फिजिक्स और केमिस्ट्री को जेईई एडवांस स्तर तक पढ़ा, जो उसकी सफलता का सबसे बड़ा आधार बना। गौरतलब है कि पांशुल ने जेईई मेन 2026 में भी 99.5 पर्सेंटाइल प्राप्त किए थे, जो उसकी विषय पर पकड़ को दर्शाता है। मुनीश मित्तल को पूरा विश्वास था कि पांशुल एक दिन शीर्ष रैंक हासिल करेगा और उसने फरीदाबाद के लिए यह गौरवशाली पल लाकर उसे साबित भी कर दिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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