फरीदाबाद की 5 भाई कॉलोनी में नारकीय स्थिति: सीवर के गंदे पानी और बदबू से बेहाल हुए लोग हरियाणा एक महीने पहले 57
फरीदाबाद की 5 भाई कॉलोनी में सीवर का गंदा पानी सड़कों और घरों में घुसने से लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है।

गंदगी और जलभराव का दंश झेल रहे निवासी

हरियाणा के फरीदाबाद शहर स्थित 5 भाई कॉलोनी के रहवासी इन दिनों बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कॉलोनी की गलियों में सीवर का दूषित पानी जमा हो गया है, जिससे वहां के निवासियों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गंदा पानी अब लोगों के घरों की दहलीज पार कर अंदर तक पहुंच चुका है। पूरे इलाके में फैली दुर्गंध के कारण सांस लेना भी दुश्वार हो गया है और लोगों का अपने ही घरों में रहना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा बुरा असर

सीवर के इस गंदे पानी और जलभराव ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गली से बाहर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। कॉलोनी में रहने वाले बच्चों के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि गलियां पूरी तरह से जलमग्न और कीचड़ से भरी हुई हैं। इसके अलावा, सब्जी बेचने वाले और अन्य जरूरी सेवाएं देने वाले लोग भी गंदा पानी होने के कारण गली में आने से कतरा रहे हैं, जिससे निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

स्थानीय लोगों ने बयां किया दर्द

इस कॉलोनी में रहने वाली चंचल का कहना है कि उनकी गली का हाल बदतर हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग चार गलियां इस समय पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और जलभराव की चपेट में हैं। चंचल के अनुसार, पिछले 15 दिनों से स्थिति जस की तस बनी हुई है, लेकिन अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इसी कॉलोनी की निवासी सरोज ने बताया कि वे पिछले 8 दिनों से इस नरक जैसे हालात को झेल रही हैं। उन्होंने कहा कि बदबू इतनी ज्यादा है कि घर में खाना खाना तक दूभर हो गया है। कई बार गलियों में दो-दो फीट तक पानी जमा हो जाता है। लोग सुबह अपने स्तर पर पानी निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन शाम होते-होते स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है।

बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर संकट

कॉलोनी में रहने वाली शकुंतला ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि बाहर निकलने के लिए उन्हें इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जो बेहद असुविधाजनक और स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस जलभराव से परेशान हैं। फिसलन भरी रास्तों की वजह से बुजुर्गों के गिरने और चोटिल होने का डर भी हमेशा बना रहता है।

एक अन्य निवासी रिचा के मुताबिक, घर में मौजूद बुजुर्गों को बदबू के कारण बाहर बैठना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि सुबह उठते ही घर के अंदर इतनी तेज दुर्गंध होती है कि सांस लेना तक कठिन हो जाता है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जिससे घरों से बाहर निकलना नामुमकिन सा हो जाता है।

स्थायी समाधान की मांग

कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी इस गंभीर समस्या के बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल सका है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सीवर लाइनों की सफाई करवाई जाए और जल निकासी का उचित प्रबंध किया जाए। वे चाहते हैं कि उन्हें इस गंदगी से मुक्ति मिले ताकि उनके बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल जा सकें और वे सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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