हरियाणा
2 घंटे पहले
2
विचारों
फरीदाबाद की एक साल की एक मासूम बच्ची जन्म से ही ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही थी, जिसमें शरीर में मल, मूत्र और प्रजनन तंत्र के लिए अलग-अलग रास्ते ही नहीं बने थे। दो गर्भाशय, दो योनियां और कॉमन क्लोआका जैसी पेचीदा स्थिति होने के बावजूद चिकित्सकों ने सफल सर्जरी कर बच्ची को नई जिंदगी दी। इस पूरे इलाज में परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड सबसे बड़ा सहारा साबित हुआ।
क्या थी बच्ची की स्थिति
फरीदाबाद के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. नितिन जैन के मुताबिक, इस बच्ची में बड़ी आंत सामान्य रूप में मौजूद ही नहीं थी। जब बच्ची को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत सामान्य नहीं थी। परिवार को भी इस बीमारी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी।
जटिल सर्जरी से मिली नई जिंदगी
कॉमन क्लोआका जैसी दुर्लभ और जटिल स्थिति में सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। तमाम मुश्किलों के बावजूद डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर बच्ची को राहत दी।
आयुष्मान कार्ड बना सहारा
इस गंभीर बीमारी के महंगे इलाज में परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड सबसे बड़ा सहारा बना, जिसकी मदद से बच्ची का जटिल उपचार संभव हो सका।
Comments
0 comment