पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बढ़ाया बिजली का जोर, Maruti से Mercedes तक EV के लिए लंबा इंतजार ऑटो एक घंटा पहले 2
ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से उछली है, और मारुति e-Vitara से लेकर मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक CLA तक कई मॉडलों पर एक से तीन महीने तक की वेटिंग चल रही है।

पेट्रोल और डीजल की लगातार चढ़ती कीमतों ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की रफ्तार को नई गति दे दी है। स्थिति यह है कि कई चर्चित इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग में जबरदस्त उछाल आया है और वाहन कंपनियों के लिए इस मांग को पूरा कर पाना चुनौती बनता जा रहा है। कई मॉडलों पर इस समय एक महीने से लेकर तीन महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

मारुति और मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक कारों पर टूट पड़े ग्राहक

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी की नई इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara की बुकिंग बीते एक महीने में दोगुनी हो चुकी है। डीलरों के अनुसार इस गाड़ी की डिलीवरी पाने के लिए ग्राहकों को 6 से 8 हफ्ते तक रुकना पड़ सकता है। दूसरी ओर लग्जरी सेगमेंट में मर्सिडीज बेंज की इलेक्ट्रिक CLA सेडान को भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी का कहना है कि मांग इस कदर बढ़ गई है कि कुछ डीलरों ने फिलहाल नई बुकिंग लेना ही रोक दिया है। इस मॉडल पर अभी 2 से 3 महीने तक की वेटिंग बनी हुई है।

BMW और टाटा मोटर्स के पास भी मजबूत डिमांड

BMW इंडिया ने भी स्वीकार किया है कि इलेक्ट्रिक कारों की मांग उसकी अपेक्षा से कहीं अधिक रही है। यही वजह है कि कंपनी अब अपने मुख्यालय से और ज्यादा गाड़ियां मंगा रही है। मई महीने में BMW की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 33 फीसदी तक पहुंच गई। वहीं टाटा मोटर्स का कहना है कि उसकी EV बुकिंग वास्तविक डिलीवरी की तुलना में लगभग दोगुनी हो चुकी है। कंपनी के मुताबिक ग्राहकों की मांग बेहद मजबूत है, लेकिन सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों के चलते डिलीवरी पर असर पड़ रहा है।

महिंद्रा और MG के मॉडलों पर भी इंतजार

महिंद्रा की XEV 9e और BE 6 जैसी इलेक्ट्रिक SUV पर भी 4 से 8 सप्ताह तक की वेटिंग चल रही है। इसके अलावा JSW MG मोटर की Windsor और ZS EV, जो कुछ समय पहले तक आसानी से उपलब्ध थीं, अब करीब एक महीने की प्रतीक्षा अवधि के साथ मिल रही हैं।

EV बाजार में बदली तस्वीर

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें ग्राहकों को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर खींच रही हैं। पहले जहां कंपनियों को EV बेचने के लिए ग्राहकों को समझाना-बुझाना पड़ता था, वहीं अब ग्राहक खुद इलेक्ट्रिक कारों की जानकारी जुटाकर शोरूम पहुंच रहे हैं।

आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है मांग

उद्योग जगत को लगता है कि अगर पेट्रोल और डीजल के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे, तो आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में वाहन निर्माता कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सप्लाई को बेहतर करने की दिशा में तेजी से जुट गई हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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