ओडिशा के बालासोर में दर्दनाक हादसा: खेत में जंगली जानवरों के लिए बिछाया था बिजली का तार, किसान और उसे बचाने आई बुजुर्ग महिला दोनों की मौत भारत एक महीने पहले 56
ओडिशा के बालासोर जिले के सिमुलिया क्षेत्र में जंगली जानवरों से खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए बिजली के तारों की चपेट में आने से एक किसान और उसे बचाने दौड़ी बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

ओडिशा के बालासोर में दर्दनाक हादसा

ओडिशा के बालासोर जिले से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के सिमुलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महिषापांडा गांव में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। खेत में करंट लगने के कारण दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में अपनी फसल की रखवाली कर रहा एक किसान और उसे बचाने के लिए निस्वार्थ भाव से आगे आई एक बुजुर्ग महिला काल के गाल में समा गए। मृतकों की पहचान स्थानीय किसान बाबुली दास और गांव की ही एक बुजुर्ग महिला पारबती मुंडा के रूप में की गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके और महिषापांडा गांव में गहरा सन्नाटा और शोक पसरा हुआ है।

आखिर कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान बाबुली दास अपने खेत में धान की नर्सरी तैयार करने के काम में जुटे हुए थे। अमूमन इस क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा रहता है जो खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। अपनी मेहनत से उगाई गई धान की फसल को जंगली जानवरों के प्रकोप से बचाने के लिए बाबुली दास ने एक तरकीब अपनाई थी। उन्होंने अपने खेत के चारों तरफ लोहे के पतले तार का घेरा बनाया हुआ था। जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए इस तार में बिजली का करंट प्रवाहित किया जाता था ताकि कोई भी जानवर खेत के भीतर प्रवेश न कर सके और फसल सुरक्षित रहे।

हादसे वाले दिन यानी शनिवार को बाबुली दास हमेशा की तरह अपने खेत में काम करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन इस बार उनसे एक बेहद गंभीर और जानलेवा चूक हो गई। वह खेत के भीतर दाखिल होने से पहले वहां बिछाए गए बिजली के तारों की मुख्य बिजली आपूर्ति यानी सप्लाई को बंद करना पूरी तरह भूल गए। जैसे ही उन्होंने खेत के भीतर कदम रखा, उनका शरीर अचानक बिजली के सीधे संपर्क वाले लाइव वायर से छू गया। तार में बह रहे तेज करंट ने उन्हें तत्काल अपनी चपेट में ले लिया और वह तड़पते हुए वहीं जमीन पर गिर पड़े। आसपास के खेतों में मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बाबुली दास की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी।

मदद के लिए दौड़ी बुजुर्ग महिला भी बनीं शिकार

उसी दौरान सड़क के किनारे बने एक मकान में रहने वाली बुजुर्ग महिला पारबती मुंडा की नजर तड़प रहे बाबुली दास पर पड़ी। उन्होंने देखा कि खेत के बीचों-बीच बाबुली दास बुरी तरह छटपटा रहे हैं और उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है। इंसानियत के नाते, बुजुर्ग महिला ने अपनी उम्र की परवाह न करते हुए बिना एक पल गंवाए बाबुली दास की जान बचाने के लिए खेत की तरफ दौड़ लगा दी।

दुर्भाग्य से, बुजुर्ग पारबती मुंडा को इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं थी कि खेत की घेराबंदी करने वाले तारों में अभी भी मौत का करंट दौड़ रहा है। वह बाबुली दास तक पहुंचने ही वाली थीं कि उनका हाथ भी उसी बिजली वाले तार से स्पर्श हो गया। तार छूते ही उन्हें भी बिजली का एक भयंकर झटका लगा और वह भी बाबुली दास के समीप ही निढाल होकर गिर पड़ीं। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि कुछ ही पलों के भीतर दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

गांव में मची अफरा-तफरी और पुलिस की तफ्तीश

जैसे ही ग्रामीणों को इस भयानक दोहरे हादसे की भनक लगी, पूरे गांव में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और चीख-पुकार मचने लगी। घबराए हुए ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस सेवा को दी। खबर मिलते ही फायर सर्विस के जवान और एंबुलेंस की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई।

राहत और बचाव दल ने बेहद सावधानी बरतते हुए सबसे पहले बिजली की आपूर्ति को पूरी तरह कटवाया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोनों शवों को खेत से बाहर निकाला गया। दोनों शवों को तुरंत पास के सिमुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव के लोग स्तब्ध हैं। एक तरफ जहां अपनी फसल को बचाने की कोशिश में एक किसान की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ मानवता की मिसाल पेश करने वाली बुजुर्ग महिला भी काल के गाल में समा गईं।

वर्तमान में, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ऐसी लापरवाही की घटनाएं देश के अन्य हिस्सों में भी लगातार सामने आ रही हैं। अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में भी एक ऐसा ही दुखद मामला सामने आया था, जहां मक्के के खेत में जंगली जानवरों से फसल की रक्षा के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से सगे चाचा और भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई थी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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