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एक घंटा पहले
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वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण पर बड़ा अपडेट
भारतीय निर्वाचन आयोग देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को संचालित कर रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से समय-समय पर चिंताएं व्यक्त की गई हैं, लेकिन आयोग का साफ कहना है कि इसका एकमात्र उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे और अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके। इस कड़ी में चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक बड़ा निर्णय लेते हुए दिल्ली सहित कुल 6 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में इस प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है।
इन राज्यों में बदली गई तारीखें
चुनाव आयोग की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में SIR कार्यक्रम में बदलाव किया गया है, उनमें महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नागालैंड शामिल हैं। यह बदलाव संबंधित राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों द्वारा भेजे गए अनुरोधों पर विचार करने के बाद किया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत हरियाणा, नागालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि अब 30 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं, राजधानी दिल्ली के लिए यह समयसीमा बढ़ाकर 12 दिसंबर कर दी गई है।
महाराष्ट्र का संशोधित कार्यक्रम
महाराष्ट्र के मामले में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख अब 26 अक्टूबर के स्थान पर 13 नवंबर होगी। इसके बाद आवेदन पत्रों के निस्तारण और नोटिस प्रक्रिया का कार्य 25 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। अंत में फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 30 नवंबर को सुनिश्चित किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को 31 अगस्त को जारी किया गया था और इससे पहले दावों के निपटारे के लिए 10 नवंबर की डेडलाइन तय थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। आयोग इससे पहले भी आवश्यकतानुसार SIR के शेड्यूल में बदलाव करता रहा है।
दिल्ली में अब 22 दिसंबर को जारी होगी अंतिम सूची
केंद्र-शासित प्रदेश दिल्ली को लेकर आयोग ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। दिल्ली में अब दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर के बजाय 25 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। साथ ही, इन दावों और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया अब 30 नवंबर के स्थान पर 15 दिसंबर तक चलेगी। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट को 22 दिसंबर के दिन सार्वजनिक किया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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