भोजपुर एनकाउंटर: भरत भूषण तिवारी मामले में सुर्खियों में आए एसपी राज कौन हैं? करियर एक महीने पहले 45
बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई के बीच जिले के पुलिस अधीक्षक राज चर्चा के केंद्र में हैं।

भोजपुर में चर्चा का विषय बना एनकाउंटर

बिहार का भोजपुर जिला इन दिनों भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर देशभर में चर्चा में है। बिलौटी गांव में हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस का पक्ष है कि भरत तिवारी ने टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस संवेदनशील मामले में भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज की भूमिका को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है।

कौन हैं एसपी राज?

भोजपुर के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात राज भारतीय पुलिस सेवा के 2019 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और 16 दिसंबर 2019 को आईपीएस सेवा में कार्यभार संभाला। मूल रूप से बिहार के निवासी राज ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से पुलिस सेवा में प्रवेश किया। वे 12 सितंबर 2024 से भोजपुर जिले के एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भोजपुर से पहले उन्होंने भागलपुर में सिटी एसपी के तौर पर कार्य किया था, हालांकि यह पहला मौका है जब उन्हें पूर्ण रूप से किसी जिले के एसपी की कमान सौंपी गई है।

वायरल वीडियो और पुलिस पर कार्रवाई

घटना के समय एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें भरत भूषण तिवारी पुलिस के सामने हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे थे। सवाल यह उठा कि उस दौरान पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की। इस मामले की जांच के बाद, एसपी राज की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर शाहपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मलाकार सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर, एक सहायक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल शामिल हैं। उन पर कर्तव्य में लापरवाही और ऑपरेशनल सतर्कता की कमी के आरोप लगे हैं।

एनकाउंटर की प्रक्रिया और न्यायिक जांच

पुलिस के अनुसार, 16 जून की घटना के बाद भरत तिवारी को पकड़ने के लिए 17 जून को विशेष रणनीति के साथ बिलौटी गांव में दबिश दी गई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी को आरा सदर अस्पताल और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिसमें स्वतंत्र जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति का निर्णय भी लिया है।

रितु चौधरी पाबना की शिक्षा एवं रोजगार रिपोर्टर हैं, जो रिजल्ट, भर्ती और सरकारी नौकरियों पर रिपोर्टिंग करती हैं। परीक्षा परिणाम, नोटिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया की ताजा जानकारी वे सटीकता से देती हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उनकी रिपोर्ट्स बेहद उपयोगी हैं।

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