QS एशिया रैंकिंग 2027: एशिया के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में भारत के IIT और IISc नदारद करियर एक घंटा पहले 8
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारतीय संस्थानों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, लगातार दूसरे साल देश का कोई भी आईआईटी या आईआईएससी शीर्ष 50 की सूची में जगह नहीं बना पाया है।

शीर्ष 50 से बाहर हुए भारतीय संस्थान

एशिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों की रैंकिंग यानी QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के ताजा आंकड़े सामने आ गए हैं। इन आंकड़ों ने देश के शिक्षा जगत के लिए चिंता बढ़ा दी है। लगातार दूसरे साल भारत के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी IIT और भारतीय विज्ञान संस्थान यानी IISc शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों की सूची में अपनी जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। यह स्थिति तब है जब लाखों छात्र इन संस्थानों में पढ़ने और शोध करने का सपना देखते हैं।

IIT दिल्ली सबसे आगे लेकिन पीछे

भारतीय संस्थानों में सबसे बेहतर प्रदर्शन IIT दिल्ली का रहा है। हालांकि, इसे भी शीर्ष 50 में स्थान नहीं मिल सका और यह 66वें पायदान पर है। देश के अन्य प्रमुख संस्थानों की बात करें तो IISc बेंगलुरु, IIT बॉम्बे और IIT मद्रास की रैंकिंग में भी पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट देखी गई है। यह प्रदर्शन तब है जब दुनिया भर में भारतीय प्रतिभाओं का लोहा माना जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानकों पर इन संस्थानों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

संख्या में बढ़ोत्तरी के बावजूद गुणवत्ता पर सवाल

एक दिलचस्प पहलू यह है कि जहां शीर्ष रैंकिंग में भारतीय संस्थानों का प्रदर्शन गिरा है, वहीं कुल संख्या के मामले में भारत ने विस्तार किया है। इस बार QS एशिया रैंकिंग में शामिल होने वाली भारतीय विश्वविद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 325 तक पहुंच गई है। अधिक संस्थानों का सूची में आना एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, लेकिन शीर्ष 50 में किसी भी भारतीय नाम का न होना उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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