NEET PG 2026: जयपुर परीक्षा केंद्र पर हंगामे के बाद पेपर लीक की खबरों पर PIB ने बताया सच, अब 2,445 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा करियर 2 घंटे पहले 5
जयपुर के सीतापुरा परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के बाद फैली पेपर लीक की अफवाहों को पीआईबी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। प्रभावित 2,445 छात्रों के लिए अब 5 सितंबर 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

नीट पीजी परीक्षा और जयपुर में उपजा विवाद

देशभर के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित और उच्च स्तर की परीक्षाओं में से एक NEET PG 2026 के आयोजन के दौरान राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर प्रणालियों में अचानक आई तकनीकी खराबी और बिजली की रुकावट के कारण सैकड़ों परीक्षार्थियों को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार आ रहे व्यवधान से नाराज होकर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर इकट्ठा होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें और अफवाहें तेजी से प्रसारित होने लगीं। इस संवेदनशील और राष्ट्रीय स्तर के मामले पर अब भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB के फैक्ट चेक विंग ने बड़ा और महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड यानी NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा राहतकारी कदम उठाया है।

क्या वाकई में लीक हुआ था NEET PG का पेपर? PIB ने किया सच का खुलासा

जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर मचे हंगामे के तुरंत बाद सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर यह दावा किया जाने लगा कि NEET PG 2026 का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के दौरान ही लीक हो गया था। इस भ्रामक खबर के जंगल की आग की तरह फैलने से देशभर के लाखों परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और चिकित्सा समुदाय में गहरी चिंता की लहर दौड़ गई। देश की इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए PIB Fact Check ने इस पूरे प्रकरण की बहुत ही बारीकी और त्वरित गति से जांच की। अपनी व्यापक पड़ताल के बाद PIB ने स्पष्ट तौर पर घोषणा की है कि परीक्षा का कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और इस तरह के सभी दावे पूरी तरह से झूठे हैं।

आधिकारिक बयान में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जयपुर के विशेष परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों को जिस अभूतपूर्व परेशानी का सामना करना पड़ा, वह किसी सुरक्षा चूक, गोपनीयता के उल्लंघन या पेपर लीक का परिणाम नहीं थी। बल्कि, यह विशुद्ध रूप से परीक्षा केंद्र के भीतर की आंतरिक तकनीकी खराबी और बिजली की निरंतर आपूर्ति बाधित होने के कारण हुआ एक आकस्मिक व्यवधान था। सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार करार दिया है। इसके साथ ही सभी चिकित्सा अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से पुरजोर अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी असत्यापित और सनसनीखेज सूचना पर बिल्कुल विश्वास न करें और परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी की गई सूचनाओं को ही अपना आधार बनाएं।

जयपुर के परीक्षा केंद्रों पर आखिर क्या हुआ था? उम्मीदवारों की आपबीती

सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर मौजूद युवा डॉक्टरों और उम्मीदवारों ने उस दिन परीक्षा के दौरान आई व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतों को विस्तार से साझा किया है। उनके अनुसार, परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9 बजे तय किया गया था। जैसे ही उम्मीदवार अपनी-अपनी आवंटित सीटों पर बैठे और परीक्षा शुरू होने का समय हुआ, तकनीकी समस्याओं का एक अनचाहा सिलसिला शुरू हो गया। कुछ उम्मीदवारों के कंप्यूटरों पर तो परीक्षा का डिजिटल पोर्टल सुचारू रूप से खुल गया, लेकिन कई अन्य कंप्यूटरों की स्क्रीन पूरी तरह से खाली या बंद रही।

उम्मीदवारों द्वारा साझा की गई विस्तृत आपबीती के अनुसार परीक्षा हॉल के भीतर निम्नलिखित गंभीर तकनीकी परेशानियां सामने आईं:

  • परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी कंप्यूटर सिस्टम बार-बार अचानक बंद होते रहे, जिससे उम्मीदवारों की एकाग्रता और मानसिक संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया।
  • जब तकनीकी टीम द्वारा सिस्टम को दोबारा चालू किया गया, तो स्क्रीन पर केवल कुछ ही सवाल दिखाई दिए और इसके तुरंत बाद कंप्यूटर स्क्रीन फिर से पूरी तरह से बंद हो गई।
  • कई प्रभावित अभ्यर्थियों ने अत्यंत निराशा व्यक्त करते हुए बताया कि लगभग दो घंटे की अवधि के भीतर उनके परीक्षा उपकरण कम से कम 10 बार तक बंद और चालू हुए।
  • कुछ कंप्यूटर प्रणालियों पर केवल 3 से 4 प्रश्न ही प्रदर्शित हो पा रहे थे, जबकि कुछ अन्य स्क्रीन पर 5 से 6 प्रश्न दिखने के बाद पूरा सिस्टम फिर से क्रैश हो जा रहा था।

इस तरह की बार-बार होने वाली अव्यवस्थाओं के कारण परीक्षा दे रहे युवा डॉक्टरों के भीतर गहरा गुस्सा और घबराहट फैल गई। उनके करियर, कड़ी मेहनत और भविष्य से जुड़ी इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा में इस प्रकार की तकनीकी विफलता ने उन्हें परीक्षा छोड़कर बाहर आने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर कर दिया।

परीक्षा केंद्र के बाहर हुआ उग्र विरोध प्रदर्शन और प्रशासन की कार्रवाई

कंप्यूटरों के बार-बार बंद होने और परीक्षा समय पर सुचारू रूप से पूरी न हो पाने के कारण निराश और आक्रोशित अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र की मुख्य इमारत के बाहर निकलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र के बाहर का पूरा माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित उम्मीदवारों के साथ लंबी बातचीत की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया।

आंदोलनकारी उम्मीदवारों का मुख्य तर्क था कि NEET PG जैसी कठिन, उच्च स्तर की और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में एक-एक अंक अत्यंत मूल्यवान होता है। अंतिम परिणाम में अंकों का मामूली सा अंतर भी उनकी ऑल इंडिया रैंक को हजारों स्थान पीछे धकेल सकता है। इससे उनके पसंदीदा मेडिकल स्पेशलिटी कोर्स और देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों को चुनने के अवसरों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस गंभीर अव्यवस्था के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से शिकायत दर्ज कराने और अपना विरोध जारी रखने की कोशिश की, तो परीक्षा केंद्र के प्रबंधन द्वारा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने या पुलिस में FIR दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई।

सोशल मीडिया पर कैसे फैली अफवाहें?

परीक्षा के दौरान कंप्यूटर बंद होने, अलग-अलग समय पर प्रणालियों के काम करने और कुछ उम्मीदवारों की स्क्रीन पर अलग-अलग सवाल दिखाई देने जैसी घटनाओं के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पेपर लीक की आशंका जताई जाने लगी। जयपुर केंद्र की इस घटना से जुड़े कई वीडियो, तस्वीरें और दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इन पोस्टों में दावा किया गया कि NEET PG 2026 का प्रश्नपत्र लीक हो गया है और परीक्षा की शुचिता समाप्त हो गई है। यह खबर इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई, जिसने देश के अन्य हिस्सों में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों को भी असमंजस में डाल दिया। लेकिन जल्द ही PIB के फैक्ट चेक ने हस्तक्षेप कर स्पष्ट किया कि यह केवल तकनीकी व्यवधान था और पेपर पूरी तरह सुरक्षित था।

आधिकारिक आंकड़े: कितने उम्मीदवार इस परीक्षा से जुड़े थे?

यह परीक्षा पूरे देश में एक बहुत ही विशाल पैमाने पर आयोजित की जा रही थी। NBEMS द्वारा जारी किए गए आधिकारिक राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा का पूरा ढांचा इस प्रकार था:

  • यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 339 शहरों में आयोजित की गई थी।
  • देशभर में सुचारू संचालन के लिए कुल 1,111 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे।
  • इस परीक्षा के लिए रिकॉर्ड कुल 2,73,096 उम्मीदवारों का पंजीकरण किया गया था।
  • पंजीकृत उम्मीदवारों में से कुल 2,65,980 उम्मीदवार परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे।
  • देशभर में कुल 2,63,535 उम्मीदवारों ने बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक अपनी परीक्षा पूरी कर ली।
  • लेकिन जयपुर के सीतापुरा में स्थित दो विशिष्ट परीक्षा केंद्रों (जिनके परीक्षा केंद्र कोड क्रमशः 41682 और 41683 हैं) पर आंतरिक तकनीकी और बिजली आपूर्ति की समस्याओं के चलते परीक्षा को पूरा नहीं कराया जा सका।
  • इन दोनों प्रभावित केंद्रों पर कुल मिलाकर 2,445 उम्मीदवार नामांकित थे, जो इस आकस्मिक तकनीकी व्यवधान के कारण परीक्षा पूरी करने से वंचित रह गए।

NBEMS का बड़ा उपचारात्मक निर्णय: 5 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा

जयपुर के प्रभावित उम्मीदवारों को न्याय दिलाने और उनके शैक्षणिक भविष्य को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तत्काल प्रभाव से एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। बोर्ड ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि दोनों प्रभावित केंद्रों के सभी 2,445 उम्मीदवारों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।

पुनः परीक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विवरण इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:

  • पुनः परीक्षा की तारीख 5 सितंबर 2026 तय की गई है।
  • यह परीक्षा दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी।
  • इस पुनः परीक्षा का स्थान केवल जयपुर ही रहेगा।
  • सभी प्रभावित उम्मीदवारों को उनके नए परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग समय और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी उनके पंजीकृत संपर्क विवरणों के माध्यम से बहुत जल्द अलग से भेज दी जाएगी।

बोर्ड ने इस अप्रत्याशित तकनीकी खराबी के कारण परीक्षार्थियों को हुई भारी असुविधा और मानसिक तनाव के लिए आधिकारिक रूप से खेद भी व्यक्त किया है। बोर्ड का मानना है कि इस पुनः परीक्षा के आयोजन से यह सुनिश्चित होगा कि प्रभावित उम्मीदवारों को भी बिना किसी नुकसान या भेदभाव के अन्य सभी उम्मीदवारों के समान ही एक निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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