NCERT की चेतावनी: सोशल मीडिया पर वायरल कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान किताब पूरी तरह फर्जी करियर एक महीने पहले 44
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर नई किताब बताकर साझा की जा रही कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक आधिकारिक नहीं है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री से रहें सतर्क

अगर आप कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तकों का इंतजार कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान विषय की एक किताब तेजी से वायरल हो रही है, जिसे परिषद की नई किताब बताया जा रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद NCERT ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह किताब उनकी ओर से प्रकाशित नहीं की गई है और इसमें दी गई जानकारी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही करें भरोसा

परिषद ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से ही अध्ययन सामग्री प्राप्त करें। NCERT ने बताया कि उनकी सभी प्रामाणिक पुस्तकें केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट और ई-पाठशाला (e-Pathshala) पोर्टल पर ही डिजिटल रूप में मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी भी अनौपचारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया लिंक के माध्यम से वायरल हो रही किताबों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

गलत जानकारी का परीक्षाओं पर असर

सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की फर्जी सामग्री में गलत या मनगढ़ंत तथ्य हो सकते हैं। परिषद का कहना है कि यदि छात्र इन सामग्रियों के आधार पर अपनी परीक्षा की तैयारी करते हैं, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। गलत जानकारी न केवल विषय की समझ को कमजोर करती है, बल्कि परीक्षाओं के परिणामों पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है।

कॉपीराइट उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

NCERT ने चेतावनी दी है कि उनकी सामग्री को बिना अनुमति के कॉपी करना, प्रिंट करना, बेचना या डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित करना कॉपीराइट कानून के तहत गैरकानूनी है। परिषद कॉपीराइट एक्ट 1957 के तहत ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • किसी भी वायरल पीडीएफ या लिंक पर भरोसा न करें।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही किताबें डाउनलोड करें।
  • यदि आपको कहीं फर्जी सामग्री दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत आधिकारिक ईमेल के माध्यम से परिषद को दें।

परिषद का स्पष्ट संदेश है कि पढ़ाई के लिए केवल उन्हीं पुस्तकों का चुनाव करें जो उनके अधिकृत प्रकाशन या आधिकारिक डिजिटल पोर्टल से प्राप्त हुई हैं। सतर्क रहकर ही छात्र भ्रामक और गलत जानकारी से बच सकते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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