पर्वतारोही आराधना कुमारी की सलाह, एडवेंचर स्पोर्ट्स में करियर बना सकते हैं युवा करियर एक घंटा पहले 6
आरा की प्रसिद्ध पर्वतारोही आराधना कुमारी ने सुझाव दिया है कि कम उम्र से ही एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने से बच्चों में न केवल अनुशासन आता है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प भी बन सकता है।

एडवेंचर स्पोर्ट्स में भविष्य की संभावनाएं

आज के दौर में जब शिक्षा और करियर के पारंपरिक रास्ते काफी प्रतिस्पर्धी हो गए हैं, ऐसे में एडवेंचर स्पोर्ट्स बच्चों के लिए एक उभरता हुआ विकल्प बनकर सामने आ रहा है। आरा की रहने वाली पर्वतारोही आराधना कुमारी का मानना है कि पढ़ाई के साथ अगर बच्चे एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़ते हैं, तो उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि खेल के इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सही उम्र में शुरुआत करना बहुत जरूरी है।

शुरुआत करने की सही उम्र और तरीका

आरा की शिक्षिका और कई पर्वत चोटियों पर विजय हासिल कर चुकीं आराधना कुमारी के अनुसार, बच्चों को लगभग पांच साल की उम्र से ही आउटडोर गतिविधियों और एडवेंचर कैंपों से परिचित कराया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए। किसी भी गतिविधि को शुरू करने से पहले यह देखना अत्यंत आवश्यक है कि बच्चे की रुचि किसमें है और उसकी शारीरिक क्षमता कितनी है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन बच्चों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

प्रशिक्षण की चरणबद्ध प्रक्रिया

आराधना ने उन माता-पिता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं जो अपने बच्चों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को शुरुआत में ही कठिन और लंबी ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं होती है। इस प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • शुरुआत लगभग 4 से 5 दिनों के छोटे एडवेंचर कैंप के साथ की जा सकती है।
  • ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बीच लगभग छह महीने का अंतराल रखना उचित रहता है।
  • जैसे-जैसे बच्चे की रुचि और शारीरिक मजबूती बढ़े, वैसे-वैसे गतिविधियों का स्तर और कठिनाई बढ़ानी चाहिए।

एडवेंचर स्पोर्ट्स के फायदे और जीवन कौशल

पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियां केवल रोमांच से भरी नहीं होतीं, बल्कि ये बच्चों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाती हैं। आराधना के अनुभव के मुताबिक, इन गतिविधियों से बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता, अनुशासन और चुनौतियों से लड़ने का जज्बा पैदा होता है। यह शारीरिक क्षमता को सुधारने के साथ ही मानसिक मजबूती भी प्रदान करता है।

करियर के रूप में एडवेंचर स्पोर्ट्स

आराधना कुमारी, जो खुद कई कठिन पर्वतीय अभियानों को सफलतापूर्ण पूरा कर चुकी हैं, कहती हैं कि यदि बच्चों को सही समय पर सुरक्षित प्रशिक्षण और उचित दिशा-निर्देश मिलते हैं, तो वे भविष्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स को अपने करियर के रूप में अपना सकते हैं। यदि बच्चे के भीतर प्रकृति के प्रति प्रेम और रोमांच के लिए जुनून है, तो इसे केवल एक शौक तक सीमित न रखकर इसे एक गंभीर करियर विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए। सही समय पर रुचि की पहचान कर उसे सही रास्ता दिखाना ही सफलता की कुंजी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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