करियर
2 घंटे पहले
3
विचारों
रांची में ड्रोन पायलट कोर्स की बढ़ती मांग
आज के दौर में ड्रोन तकनीक एक उभरता हुआ करियर विकल्प बनकर सामने आई है। रांची में युवाओं के पास अब ड्रोन पायलट बनने के लिए कई बेहतर अवसर मौजूद हैं। बीआईटी मेशरा ने हाल ही में अपना ड्रोन पायलट कोर्स लॉन्च किया है, जो राज्य का पहला ऐसा संस्थान है जिसे डीजीसीए से मान्यता प्राप्त है। शिक्षा विशेषज्ञ दिलीप के अनुसार, ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण आज के समय में बेहद डिमांडिंग है क्योंकि सरकारी और निजी, दोनों ही क्षेत्रों में इसकी भारी आवश्यकता महसूस की जा रही है। कृषि से लेकर सुरक्षा और मैपिंग तक, हर क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता बढ़ रही है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में नौकरियों के कई सुनहरे अवसर खुलेंगे। इच्छुक उम्मीदवार बीआईटी मेशरा में आवेदन कर सकते हैं, हालांकि इसकी फीस का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।
अपेक्स इंस्टीट्यूट: तकनीकी कौशल पर जोर
रांची के अरगोड़ा चौक पर स्थित अपेक्स इंस्टीट्यूट उन छात्रों के लिए एक बेहतर विकल्प है जो ड्रोन और रोबोटिक्स में रुचि रखते हैं। संस्थान के संचालक पवनदीप ने बताया कि यहां छात्रों को ड्रोन को नियंत्रित करने, उन्हें कमांड देने और तकनीकी खराबी आने पर उनकी मरम्मत करने का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि आप यहां से प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, तो इसकी फीस 10,000 से 15,000 रुपए के बीच निर्धारित की गई है। यह संस्थान व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी बारीकियों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करता है।
प्रयोग इंडिया रॉबस्टिक: एआई और आधुनिक तकनीक
सुजाता चौक पर स्थित प्रयोग इंडिया रॉबस्टिक ड्रोन प्रशिक्षण में एक आधुनिक दृष्टिकोण अपना रहा है। यहां के संचालक अभय का कहना है कि उनके संस्थान की प्रमुख विशेषता ड्रोन की एडवांस तकनीक है। यहाँ छात्रों को विशेष रूप से बताया जाता है कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग कैसे किया जाता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का उपयोग करके ड्रोन को और अधिक उन्नत कैसे बनाया जा सकता है। यहाँ 6 महीने का शॉर्ट-टर्म कोर्स उपलब्ध है, जिसकी फीस 15,000 से 20,000 रुपए के दायरे में रखी गई है। जो छात्र आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन जगह है।
जैन एविएशन: विशेषज्ञता के लिए लचीला विकल्प
अगर आप ड्रोन पायलट के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं, तो जैन एविएशन एक प्रमुख केंद्र है। यहां छात्रों की सुविधानुसार कोर्स की अवधि चुनने की आजादी दी गई है। संचालक प्रदीप के अनुसार, यहां 3 महीने, 6 महीने, 9 महीने और 12 महीने के अलग-अलग शॉर्ट-टर्म कोर्स चलाए जाते हैं। छात्र अपनी क्षमता और सीखने की इच्छा के अनुसार इनमें से किसी भी कोर्स का चयन कर सकते हैं। इस संस्थान में प्रशिक्षण की अधिकतम फीस 25,000 रुपए तक है, जो उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो प्रोफेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से अपने करियर को नई ऊंचाई देना चाहते हैं।
टेक्नोबेंडर: कम अवधि में बेसिक ट्रेनिंग
जो लोग बहुत कम समय में ड्रोन उड़ाने की बुनियादी कला सीखना चाहते हैं, उनके लिए टेक्नोबेंडर एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। संस्थान के मैनेजर महेश ने स्पष्ट किया कि यहां 2 हफ्ते, 3 हफ्ते या फिर मात्र 1 हफ्ते का भी कोर्स किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कम अवधि के कोर्स से आप ड्रोन मैनेज करना तो सीख सकते हैं, लेकिन पूर्ण विशेषज्ञ बनने के लिए एक साल का गहन कोर्स करना ही बेहतर रहता है। यहां फीस की शुरुआत 10,000 रुपए से होती है और यह 1,00,000 रुपए तक जा सकती है, जो पूरी तरह से इस पर निर्भर करता है कि आपने कितने लंबे समय के प्रशिक्षण मॉड्यूल को चुना है। रांची में मौजूद ये सभी संस्थान युवाओं को ड्रोन पायलट बनने का सपना पूरा करने के लिए एक मंच प्रदान कर रहे हैं।
Comments
0 comment