सेल्फ स्टडी से बदली किस्मत, इंजीनियरिंग के बाद पारस त्रिपाठी ने पहले ही प्रयास में निकाला UGC NET करियर 2 घंटे पहले 3
छतरपुर के पारस त्रिपाठी ने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर ही यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल की है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान बनाए गए बेस के दम पर उन्होंने इतिहास विषय से यह उपलब्धि पाई है।

सफलता की नई कहानी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से हाल ही में यूजीसी नेट जून 2026 सत्र का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। इस परीक्षा में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले पारस त्रिपाठी ने इतिहास विषय के साथ सफलता का परचम लहराया है। पारस की इस कामयाबी की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने घर पर रहकर पूरी तरह से सेल्फ स्टडी यानी स्वयं अध्ययन के जरिए ही पहले प्रयास में इस कठिन परीक्षा को पास किया है। उनकी यह यात्रा उन तमाम छात्रों के लिए प्रेरणा है जो संसाधन कम होने के बावजूद भी बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।

इंजीनियरिंग से लेकर राज्य सेवा परीक्षा तक का सफर

पारस त्रिपाठी का शैक्षणिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उसके बाद उनका झुकाव प्रशासनिक सेवाओं की ओर हो गया। उन्होंने एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और इस दिशा में पूरी शिद्दत के साथ वर्षों तक मेहनत की। पारस ने राज्य सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा यानी मेंस तक का पड़ाव भी पार किया, लेकिन अंतिम चयन की सूची में उनका नाम नहीं आ सका। वर्षों की कड़ी मशक्कत के बाद जब सफलता उनसे दूर रही, तो उन्होंने अपने करियर के लिए एक नया विकल्प तलाशने का निर्णय लिया।

दोस्तों की सलाह और यूजीसी नेट का निर्णय

पारस बताते हैं कि जब वह राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान निराश थे, तब उनके मित्रों ने, जो पहले से ही असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें यूजीसी नेट परीक्षा देने का सुझाव दिया। पारस को लगा कि यह सलाह उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने भूगोल, इतिहास और संविधान जैसे विषयों को बहुत गहराई से पढ़ा था। हालांकि उनका मुख्य बैकग्राउंड इंजीनियरिंग था, लेकिन उन्होंने इतिहास विषय को चुनकर मास्टर्स यानी एमए करने का मन बनाया। उनका मानना था कि इतिहास विषय के साथ नेट परीक्षा पास करना उनके लिए अन्य विषयों की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक रहेगा।

बिना विशेष तैयारी के मिली कामयाबी

पारस ने पिछले साल ही डिस्टेंस लर्निंग मोड के जरिए इतिहास विषय में एमए में दाखिला लिया था। उन्हें अभी इस कोर्स को करते हुए मात्र एक साल ही हुआ था, लेकिन उन्होंने जून 2026 में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के लिए आवेदन भर दिया। पारस के मुताबिक, उनका इरादा इस परीक्षा को सिर्फ एक अनुभव के तौर पर लेने का था। उन्होंने नेट की किताबें खरीदीं, लेकिन परीक्षा की तारीख इतनी नजदीक थी कि उन्हें पढ़ाई का पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने बिना किसी विशेष अतिरिक्त तैयारी के सीधे परीक्षा में बैठने का फैसला किया।

परिणाम ने चौंकाया और बढ़ाया आत्मविश्वास

जब परीक्षा का परिणाम आया तो पारस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 200 के पूर्णांक में से 156 अंक हासिल किए। हालांकि उनका जेआरएफ (JRF) क्लियर नहीं हुआ, लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी के लिए उन्होंने सफलता प्राप्त कर ली। यह परिणाम उनके लिए पूरी तरह से अनपेक्षित था, लेकिन उन्हें इस बात का एहसास था कि परीक्षा में जो भी सवाल पूछे गए थे, वे उनके द्वारा पहले पढ़ी गई सामग्री पर ही आधारित थे। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी को दिया, जिसके दौरान उन्होंने प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास का बारीकी से अध्ययन किया था।

करियर का नया लक्ष्य

पारस का मानना है कि यूजीसी नेट में मिली इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को जबरदस्त तरीके से बढ़ाया है। अब उन्होंने अपना स्पष्ट माइंडसेट बना लिया है। उनका कहना है कि अब उनका पहला लक्ष्य असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर खुद को स्थापित करना है और उसके बाद ही वह दोबारा राज्य सेवा परीक्षा पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे। वह स्वीकार करते हैं कि राज्य सेवा परीक्षा में मिली असफलताओं ने उन्हें हताश तो किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज इस कामयाबी के जरिए उन्होंने खुद को साबित किया है।

सफलता के लिए टिप्स और रणनीति

पारस ने उन छात्रों के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए हैं जो यूजीसी नेट की तैयारी कर रहे हैं:

  • सीमित स्रोत: अपनी पढ़ाई के लिए हमेशा सीमित लेकिन विश्वसनीय स्रोतों का ही चुनाव करें।
  • पिछले वर्षों के प्रश्न: सफलता की कुंजी पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को बार-बार हल करने में छिपी है।
  • रिवीजन की महत्ता: इतिहास जैसे विषय में चीजों को बार-बार रटने के बजाय उनके कॉन्सेप्ट को समझें और नियमित रिवीजन करें।
  • आधुनिक इतिहास पर फोकस: परीक्षा में आधुनिक इतिहास से जुड़े सवाल अधिक पूछे जाते हैं, इसलिए इसे प्राथमिकता दें।
  • तथ्यों का ध्यान: हालांकि इतिहास में नाम और तारीखें याद करना जरूरी है, लेकिन बार-बार रिवीजन करने से ये आसानी से याद हो जाते हैं।

अध्ययन के लिए उपयोगी किताबें

पारस त्रिपाठी ने अपनी सफलता के लिए निम्नलिखित पुस्तकों और सामग्री का उल्लेख किया है:

  • प्राचीन इतिहास: आर एस शर्मा की पुस्तक।
  • मध्यकालीन इतिहास: सतीश चंद्र की पुस्तक।
  • आधुनिक इतिहास: स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन की पुस्तक।
  • इतिहास लेखन: इग्नू (IGNOU) के एमए के नोट्स बहुत मददगार साबित होते हैं।
  • रिवीजन और वस्तुनिष्ठ प्रश्न: आर्या पब्लिकेशन, अरिहंत पब्लिकेशन या यूथ पब्लिकेशन की किताबों का प्रयोग करें।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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