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2 महीने पहले
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खरगोन में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की नई राह
मध्य प्रदेश में कृषि शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब खरगोन के छात्रों को बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर या रीवा जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करने की मजबूरी नहीं रहेगी। क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन ने बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू किया है, जो स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोल रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस सरकारी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए किसी भी प्रकार की कठिन प्रवेश परीक्षा जैसे कि पीएटी (PAT) को पास करना अनिवार्य नहीं है।
सीधे मेरिट से मिलेगा प्रवेश
आमतौर पर सरकारी कृषि महाविद्यालयों में दाखिला पाने के लिए बारहवीं कक्षा के बाद पीएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन खरगोन में स्थिति अलग है। यहाँ छात्र सीधे अपनी बारहवीं की योग्यता और मेरिट के आधार पर दाखिला ले सकते हैं। इस सरकारी संस्थान में पढ़ाई का खर्च निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र भी अब बिना किसी बाधा के कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिला है जो संसाधनों के अभाव में दूसरे शहरों में जाकर पढ़ने में असमर्थ थे।
कृषि के साथ अन्य आधुनिक विकल्प
इस विश्वविद्यालय में न केवल बीएससी एग्रीकल्चर की सुविधा मिल रही है, बल्कि कृषि से संबंधित अन्य आधुनिक और प्रासंगिक विषयों को भी शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (पीजी कॉलेज) में छात्र जैविक खेती जैसे विषयों में भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो आधुनिक कृषि तकनीकों और वैकल्पिक खेती के तौर तरीकों को सीखकर भविष्य में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।
कोर्स की अवधि और प्रवेश योग्यता
प्राचार्य डॉ. जीएस चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स के लिए कुल 80 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस चार वर्षीय डिग्री कोर्स में प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थी का बारहवीं कक्षा में कृषि या विज्ञान संकाय से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। पूरी पढ़ाई सेमेस्टर प्रणाली के आधार पर संपन्न कराई जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी ई-प्रवेश पोर्टल का उपयोग करके ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। चूंकि विश्वविद्यालय में अभी भी सीटें रिक्त हैं, इसलिए छात्र वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
दाखिले की प्रक्रिया के संबंध में डॉ. जीएस चौहान ने बताया कि दूसरा और अंतिम सीएलसी (CLC) राउंड 1 जुलाई से प्रभावी हो चुका है। वर्तमान स्थिति यह है कि पीजी कॉलेज में सभी संकायों को मिलाकर अब तक लगभग 2300 विद्यार्थियों ने अपना प्रवेश सुनिश्चित कर लिया है, जबकि अभी भी 1620 सीटें खाली पड़ी हैं। विश्वविद्यालय के अन्य पाठ्यक्रमों में भी सीटों की उपलब्धता बनी हुई है। प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के पास 15 जुलाई तक का समय है।
आवेदन की समय सीमा
प्रवेश पाने की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। विद्यार्थी सुबह के समय अपना पंजीयन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिसके बाद शाम 5 बजे तक उन्हें ऑफर लेटर जारी कर दिया जाएगा। ऑफर लेटर प्राप्त होने के बाद, अगले दिन शाम 4 बजे तक फीस का भुगतान करना होगा ताकि प्रवेश को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। अधिक जानकारी और फीस के विस्तृत विवरण के लिए विद्यार्थी सीधे विश्वविद्यालय परिसर में संपर्क कर सकते हैं। यह अवसर स्थानीय छात्रों के लिए भविष्य को संवारने का एक बेहतरीन माध्यम है।
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