क्राइम
एक घंटा पहले
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दौसा में अपराध का बड़ा मामला
दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले दुब्बी गांव में बदमाशों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इलाके में स्थित दो ज्वेलरी दुकानों को एक साथ निशाना बनाकर चोरों ने करीब 40 लाख रुपये के सोने और चांदी के कीमती गहनों के साथ-साथ नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
सुबह पता चला चोरी का मंजर
इस पूरी वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब सोमवार की सुबह दुकानदार अपनी दुकानें खोलने के लिए पहुंचे। दुकानों के बाहर पहुंचते ही उन्हें शटर के ताले टूटे हुए मिले, जिसे देखकर वे दंग रह गए। दुकानदार जब घबराते हुए अंदर दाखिल हुए, तो उन्होंने देखा कि दुकान के भीतर का सामान पूरी तरह बिखरा पड़ा था। चोरों ने बड़ी ही सफाई से तिजोरियों को तोड़ दिया था और शोकेस खाली कर दिए थे। दुकानदारों ने बताया कि उनकी वर्षों की मेहनत और कमाई से जुटाए गए सोने-चांदी के बेशकीमती आभूषण गायब थे, जिनकी अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये के आसपास है।
ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस पर सवाल
चोरी की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी जमा हो गए। घटना से नाराज व्यापारियों ने इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य बाजार में इस तरह की बड़ी चोरी होना पुलिस की कार्यप्रणाली में ढिलाई को दर्शाता है। भारी भीड़ को देखते हुए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और लोगों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का दौरा
घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दौसा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी सक्रिय हो गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा और मानपुर के वृत्ताधिकारी धर्मराज चौधरी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर चोरी हुए माल की विस्तृत सूची प्राप्त की और साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।
सावधानी से अंजाम दी गई वारदात
पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि चोरों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि दुकानें गांव के मुख्य हिस्से में स्थित हैं, लेकिन रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए चोरों ने बिना किसी शोर-शराबे के शटर तोड़े। सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद आसपास के किसी भी व्यक्ति को आहट तक नहीं मिली, जिससे शातिर बदमाशों की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जांच के लिए विशेष टीमें गठित
इस मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। शंकर लाल मीणा और धर्मराज चौधरी के नेतृत्व में कई विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस जांच के निम्नलिखित मुख्य बिंदु हैं:
- इलाके के आसपास स्थित सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि बदमाशों की पहचान हो सके।
- मुख्य रास्तों पर लगे कैमरों की भी गहन जांच की जा रही है।
- अपराध स्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
- साइबर सेल की टीम भी संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि वे इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश करके चोरी हुए माल की बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्र में फिलहाल पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
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