अमेरिकी संविधान की सीमाएं लांघकर तीसरी बार राष्ट्रपति क्यों बनना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप? विश्व 2 घंटे पहले 4
डोनाल्ड ट्रंप ने आयोवा की एक रैली में तीसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर की है, जिसे लेकर अमेरिका में सियासी हलचल तेज हो गई है।

तीसरी बार व्हाइट हाउस पहुंचने की तैयारी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। आयोवा में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को खुलकर व्यक्त किया है। हालांकि, उन्हें इस बात की पूरी जानकारी है कि अमेरिकी संविधान और कानून के तहत कोई भी व्यक्ति दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति के पद पर आसीन नहीं हो सकता है, लेकिन ट्रंप का तर्क बिल्कुल अलग है। उनका मानना है कि कानून की सीमाओं को चुनौती देकर वे फिर से मैदान में उतर सकते हैं।

2020 के नतीजों पर गंभीर आरोप

ट्रंप ने अपने इस दावे के समर्थन में साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव का हवाला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी और नतीजों को उनके खिलाफ बदलकर धांधली की गई थी। डोनाल्ड ट्रंप का स्पष्ट आरोप है कि जो बाइडेन ने बेईमानी के जरिए सत्ता हासिल की थी और वास्तव में उस चुनाव में जीत उन्हीं की हुई थी। उनका तर्क है कि चूंकि पिछला चुनाव निष्पक्ष नहीं था, इसलिए अब उन्हें एक और मौका मिलने का पूरा अधिकार है।

कानून बनाम ट्रंप की जिद

अपनी रैली में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का भली-भांति ज्ञान है कि नियम क्या कहते हैं, लेकिन उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर नियम तोड़े ही जा चुके हैं, तो वे एक और कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी पेश करना चाहते हैं। ट्रंप के मुताबिक भविष्य को लेकर कुछ भी 100 प्रतिशत निश्चित नहीं है। उनका मानना है कि उनके साथ हुआ धोखा ही उनके लिए तीसरी बार चुनाव लड़ने का आधार बनता है।

समर्थकों में उत्साह और नया कैंपेन

ट्रंप की इस घोषणा के बाद उनके समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उनके प्रशंसक अब TRUMP-2028 लिखी हुई टोपियां बांट रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वे अपनी रणनीति पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। अमेरिका में अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या भविष्य में संविधान में कोई बड़ा बदलाव किया जाएगा या फिर राष्ट्रपति बनने के लिए कोई नया रास्ता निकाला जाएगा। ट्रंप के समर्थक यह मानते हैं कि उनके नेता कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं। इससे पहले वे अटलांटिक महासागर का नाम बदलकर ट्रंप ओशन रखने की अपनी अजीबोगरीब इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं, जो चर्चा का विषय बनी थी।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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