ट्रंप का यू-टर्न: 'ईरान से जंग रोकने का समझौता अभी पक्का नहीं', फिर दी बमबारी की धमकी विश्व 3 घंटे पहले 4
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 बैठक के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम समझौता अंतिम नहीं है और अगर ईरान ठीक से पेश नहीं आया तो दोबारा बमबारी की जा सकती है। यह बयान स्विट्जरलैंड में समझौते पर दस्तखत होने से ठीक दो दिन पहले आया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा बयान से एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ लड़ाई समाप्त करने को लेकर जो समझौता (MoU) किया गया है, वह अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने उचित तरीके से व्यवहार नहीं किया तो अमेरिका दोबारा बमबारी शुरू कर सकता है।

'ईरान ने सही बर्ताव नहीं किया तो...'

जी-7 बैठक के मौके पर ट्रंप ने कहा, "यह कोई आखिरी फैसला नहीं है। यह महज एक शुरुआती समझौता है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया या ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो हम सीधे उनके सिर पर बम बरसाना शुरू कर देंगे... क्योंकि वे पिछले 47 सालों से गलत काम कर रहे हैं।" उनका यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है जब महज दो दिन बाद स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं।

जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस में हैं ट्रंप

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप जब से जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने फ्रांस पहुंचे हैं, तब से वे ईरान समझौते को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। अपने एक नए दावे में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया को एक "महामंदी" से बचा लिया, जिसकी पैरवी कुछ "मूर्ख लोग" कर रहे थे। हालांकि अपने चिर-परिचित अंदाज में राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किन लोगों की ओर था। उन्होंने यह भी दोहराया कि तेल आपूर्ति का सबसे अहम रास्ता Strait of Hormuz पहले ही आंशिक रूप से खुल चुका है और अगले एक या दो दिन में यह पूरी तरह खुल जाएगा।

समझौते में क्या है?

जी-7 शिखर सम्मेलन शुरू होने से ठीक एक दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एक ढांचे की घोषणा की गई थी। इस समझौते का उद्देश्य उस युद्ध को खत्म करना है, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया था और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को ठप कर दिया था। इस समझौते का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—

  • लेबनान समेत हर मोर्चे पर लड़ाई को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की बात कही गई है।
  • अमेरिका ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी तुरंत हटा लेगा और ईरानी समुद्री मार्गों में दखल बंद कर देगा।
  • ईरान और अमेरिका एक-दूसरे की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  • इसके बदले में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल देगा।
  • ईरान को अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगी कम से कम 300 अरब डॉलर की फंडिंग करेंगे।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!